डेंगू की चपेट में आने से पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबिल समेत दो पीड़ितों की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं दिमागी बुखार से भी दो मासूमों की सांसें जिला अस्पताल में इलाज के दौरान थम गईं। पोस्टमार्टम के बाद सिपाही के शव को पैतृक गांव गोरखपुर भेजा गया है।
गोरखपुर जनपद में चौरीचौरा निवासी राकेश यादव (58) पुत्र कमला प्रसाद यादव बहराइच पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबिल के पद पर तैनात था। उसके पास पुलिस लाइन के स्टोर इंचार्ज की जिम्मेदारी थी। सप्ताह भर पूर्व राकेश को बुखार की शिकायत हुई। परीक्षण के दौरान तीन दिन पूर्व डेंगू पॉजिटिव होने का पता चला था।
जिले के डॉक्टरों से इलाज करवाने के दौरान शनिवार को तबियत अचानक बिगड़ गई। इस पर परिवारीजनाें ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर शाम हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने राकेश को केजीएमसी, लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाने के दौरान कैसरगंज के निकट सिपाही राकेश ने दम तोड़ दिया। इस पर परिवारीजन बिलख उठे। रविवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव गोरखपुर चौरीचौरा भेजा गया।
उधर जिला अस्पताल में भर्ती हरिहरपुर हुजूरपुर निवासी असद अली (4) को भी डेंगू की शिकायत थी। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। रविवार दोपहर में असद ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा दिमागी बुखार से पीड़ित फखरपुर निवासी राजन अली (3) पुत्र अजमत अली व कोतवाली देहात के सबलापुर निवासी नीतेश तिवारी (6) पुत्र बृजनंदन की भी रविवार को तबियत बिगड़ गई।
डॉक्टरों ने काफी कोशिश की लेकिन दिमागी बुखार पीड़ित दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। उधर विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित 13 अन्य रोगी भर्ती कराए गए हैं। इनमें राजू (3) निवासी नेपालगंज औैर सुरेश कुमार (11) निवासी मिहींपुरवा की हालत नाजुक बताई जा रही है।