जीआरपी बहराइच ने शुक्रवार को चाइल्ड लाइन को तीन बच्चें सौंपे हैं। चाइल्ड लाइन ने बच्चों को अपने संरक्षण में लेते हुए काउंसलिंग शुरू की है। तीनों बच्चे गोंडा के रहने वाले हैं। ये तीनों गोंडा रेलवे स्टेशन पर मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करते थे।
केंद्र समन्वयक सत्येंद्र पांडेय ने बताया काउंसलिंग के दौरान एक ने अपना नाम आसिफ और पिता का नाम इम्तियाज अली व मां का नाम रेशमा बताया है। बताया कि वह गोंडा के बालपुर थाना क्षेत्र के भोका पस्ता गांव का रहने वाला है। आसिफ के पिता बहराइच जेल में है और मां गायब है।
नाना मारते पीटते थे, इसलिए घर से भाग निकला था। दूसरे ने नाम शहबाज और पिता का नाम अब्दुल कय्यूम बताया है। उसकी मां का नाम बेबी है। वह गोंडा जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के महारानीगंज घोसियाना का रहने वाला है। तीसरा छोटू है। उसने पिता का नाम स्व. जीत सिंह व मां का नाम रानी बताया है।
कौड़िया का रहने वाला है। शेष अन्य जानकारी दे पाने में वह असमर्थ है। शुक्रवार को तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति ने बच्चों के परिवारीजनों की तलाश करने का आदेश दिया है।