बहराइच। श्रावस्ती से शुक्रवार की सुबह खराब मौसम के बावजूद राज्यपाल का हेलीकॉप्टर बहराइच पहुंचा। एक्सीलेरेटेड कैंप में राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों से बात की। शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें सक्षम बनाने की नसीहत दी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की महिला विंग का निरीक्षण किया। हालांकि महिला अस्पताल को प्रशासन की ओर से पूरी तरह से खाली करा दिया गया था। मरीजों से राज्यपाल की मुलाकात तक नहीं होने दी गई। एक दिन पहले ही पयागपुर विधायक वसूली को लेकर नाराजगी जता चुके थे। ऐसे में प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया।
राज्यपाल शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से बहराइच के पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचीं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चल रहे आवासीय एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दिव्यांग बच्चों के साथ इशारों में राज्यपाल ने बात की। वहीं, शिक्षकों को नसीहत दी कि वह पूरी मेहनत और लगन के साथ दिव्यांग बच्चों को सक्षम बनाएं, जिससे इन्हें दूसरों के सहारे की जरूरत न पड़े।
राज्यपाल ने सदर विधायक अनुपमा जायसवाल के साथ बच्चों को फल, स्कूल, ड्रेस, साइकिल आदि का वितरण किया। इसके बाद राज्यपाल मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में स्थित 100 बेड के नव निर्मित मैटरनिटी विंग में पहुंचीं। यहां प्रशासन ने पहले से ही किसी भी तीमारदार या मरीज के घुसने पर रोक लगा दी थी।
यहां राज्यपाल ने औषधि वितरण कक्ष, पर्चा काउंटर के साथ ओपीडी देख रही डॉ. दीपिका मेहता से मरीजों के बारे में जानकारी ली। गोल्डन कार्ड बनाए जाने के काउंटर पर भी जाकर बात की। हालांकि मरीजों से राज्यपाल की मुलाकात तक नहीं होने दी गई। गुरुवार को ही पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी भी एक मरीज से वसूली को लेकर नाराज हुए थे, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही सतर्क दिखायी दिया।
राज्यपाल ने निरीक्षण भवन में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, विधायक सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह, माधुरी वर्मा, अनुपमा जायसवाल, सरोज सोनकर, श्यामकरन टेकड़ीवाल, मंडलायुक्त महेंद्र कुमार, डीआईजी डॉ. राकेश सिंह आदि के साथ लगाई गई प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया।
बंद कर दिए गए थे रास्ते
जिला प्रशासन राज्यपाल की सुरक्षा में कोई चूक नहीं छोड़ रहा था। कोई भी व्यक्ति अपनी बात सीधे तौर पर राज्यपाल से न कह सके, इसको देखते हुए राज्यपाल के काफिले के गुजरने वाले रास्तों व गली कूचों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था, जिसके चलते आम जनता को आवागमन में मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा।
टीबी मरीजों को गोद लेने वालों को किया सम्मानित
क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से क्षय रोगियों को गोद लिया गया है। भारत विकास परिषद द्वारा क्षय रोगियों को गोद लेने पर सचिव बैजनाथ रस्तोगी और अध्यक्ष अजय ड्रोलिया को राज्यपाल ने सम्मानित किया। वहीं प्रतिभा संरक्षण इकाई की ओर से भी 14 क्षय रोगियों को गोद लिया गया है। जिस पर इकाई के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र उपाध्याय को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।