बहराइच। सरकार और राजभवन में आए दिन तनातनी की खबरों के बीच राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार मंच साझा किया। इस दौरान जब मुख्यमंत्री से दोनों के रिश्तों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमारे रिश्ते बेहतर हैं और समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। हालांकि,जब यह सवाल राज्यपाल से किया गया तो वह कुछ देर शांत रहे, फिर बोले- कुछ कह नहीं सकते।
सरकारी कामकाज में राजभवन की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों को पेंशन के मामले में सरकार थोड़ी धीरे चल रही थी, जिसे राज्यपाल ने गति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुष्ठ जागरूकता के लिए महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजभवन में कार्यक्रम हुआ था, जिसमें वह कुछ कारणों से नहीं जा सके थे। इसीलिए उन्होंने निर्णय लिया था कि अब आगे किसी भी कार्यक्रम में वह राज्यपाल के साथ अवश्य शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां वह राजभवन नहीं जाने की कमी को दूर करने के लिए तो आए ही थे, राज्यपाल की ओर से किए गए पेंशन बढ़ाने की घोषणा करने का भी अच्छा मौका लगा। इसलिए उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति जताई।
सीएम ने कहा-भगवान जाने क्या स्मार्ट सिटी बनाएंगे
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होेंने कहा कि सपा विकास करना चाहती है लेकिन केंद्र सरकार साथ नहीं दे रही।
बोले कि बहराइच-लखनऊ राजमार्ग को फोर लेन बनाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था लेकिन केंद्र ने अनुमति नहीं दी। अब स्मार्ट सिटी बनाने का ढोंग रच रहे हैं। भगवान जाने क्या स्मार्ट सिटी बनाएंगे।