बहराइच। मेडिकल में पीजी की डिग्री हासिल करने के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज को पहली बार एमएस व एमडी की 22 सीटें मिली हैं। कोर्स पूरा होने के बाद 22 डॉक्टर मिल जाएंगे जो मन मुताबिक अस्पतालों में ज्वाइन कर सकेंगे।
महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय में अभी तक एमबीबीएस की 500 सीटें हैं। वर्तमान में छठवें बैच की दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) की 20 सीटों भी हैं।
वहीं अब मेडिकल कॉलेज को एमएस व एमडी की 22 सीटें भी मिल गई हैं। इन सीटों के मिलने से मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ जाएगी जिससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी।
पहली बार एमडी फिजियोलिजी की होगी पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ व मीडिया प्रभारी डॉ. अरविंद शुक्ल ने बताया कि पहली बार कम्युनिटी मेडिसिन की पांच सीटों, एमडी फिजियोलिजी की तीन, आर्थोपैडिक की पांच, फोरेंसिक मेडिसिन की तीन, बायो केमेस्ट्री की तीन तथा एनॉटॉमी की तीन सीटें मिली हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का किया जा रहा विस्तार
पहली बार मेडिकल कॉलेज को एमएस व एमडी की 22 सीटें मिलीं हैं। इसके पहले से एमबीबीएस, डीएनबी डिप्लोमा व नर्सिंग की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
-डॉ. प्रो. संजय खत्री, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज