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Bahraich News: कड़ी सुरक्षा के बीच पढ़ी गई अलविदा की नमाज

Fri, 21 Apr 2023 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच में शुक्रवार को जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ करते लोग।   -संवाद
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चप्पे-चप्पे पर पुलिस का रहा कड़ा पहरा
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दरगाह शरीफ में मौलाना अरशदुल कादरी ने पढ़ा खुतबा
देश की उन्नति, समृद्धि, शांति, एकता और भाईचारे की मांगी दुआएं
बहराइच। जिले की मस्जिदों में शुक्रवार को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ शांतिपूर्वक पढ़ी गई। इस दौरान मस्जिदों के आस-पास पुलिस का कड़ा पहरा रहा। नमाजियों ने देश में अमन चैन व खुशहाली की दुआ की। दरगाह शरीफ ने नमाज के अवसर पर मौलाना अरशदुल कादरी ने देश की उन्नति, समृद्धि, शांति, एकता और भाईचारे की दुआएं मांगी। दौरान डीएम व एसपी भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। शहर के दरगाह शरीफ में शुक्रवार को अलविदा की नमाज के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। यहां नमाजियों ने बड़ी अकीदत के साथ अलविदा की नमाज पढ़ी। इसके अलावा शहर के ही जामा मस्जिद काजीपुरा, नानपारा मस्जिद विशातखाना, आलम शहीद मस्जिद घंटाघर, मस्जिद छोटी तकिया, सौदागर मस्जिद नाजिरपुरा, शाद मस्जिद चांदपुरा चौराहा, मस्जिद अलावल खां बड़ीहाट सहित शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के छोटी बड़ी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान उलेमाओं ने देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
सिटी मजिस्ट्रेट शामिली प्रभाकर ने बताया कि शहर में अलविदा की नमाज शांतिपूर्वक पढ़ी गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से सुुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र, एसपी प्रशांत वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, एसडीएम सुभाष सिंह, एएसपी कुवंर ज्ञानंजय सिंह समेत सभी अफसर लगातार भ्रमणशील रहे।
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रमजान में रोजा किसी को माफ नहीं : मौलाना
संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज (बहराइच) रमजान महीने के आखिरी जुमा अलविदा की नमाज कस्बे के मरकजी हज्जिन मस्जिद, बाजार वाली मस्जिद, जामा मस्जिद अकीदत के साथ अदा की गई। मस्जिदों की छतों पर भी नमाज पढ़ने की व्यवस्था की गई थी।
मरकजी हज्जिन मस्जिद में मौलाना जैनुल आब्दीन कास्मी ने अलविदा की नमाज के दौरान रोजा, फितरा, जकात के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान में रोजा किसी को माफ नहीं है। अगर बीमार है तो वह स्वस्थ होने के बाद अपना रोजा अदा करे। अगर उसमें रोजा रखने की क्षमता नहीं है तो हर कजा रोजे का सदका दान अदा करे। उन्होंने कहा कि रमजान के महीने के आखिरी दिन रोजेदार रात को कसरत अल्लाह से दुआ मांगे। रमजान का मकसद यह है कि लोग दूसरों की तकलीफों को समझें। अपनी क्षमता के हिसाब से दूसरों की मदद करते रहें, जिससे इस खुशी के मौके पर कोई भी मजलूम जरूरी चीजों से वंचित न रहे। लोग फितरा-जकात जरूर निकालें। हर इंसान के लिए रहम दिल व नेक नीयती जरूरी है और फितरा ईद की नमाज से पहले दें। जिस तरह रमजान में इबादत की है उसी तरह पूरे साल करें।
मरकजी हज्जिन मस्जिद में अलविदा की नमाज पेश इमाम हाफिज वासित अहमद, बाजार वाली मस्जिद में हाफिज मकबूल व जामा मस्जिद में हाफिज अम्मार अहमद नूरी ने अलविदा की नमाज अदा कराई। इसी तरह क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांव के मस्जिदों में रमजान के आखिरी जुमे पर अलविदा की नमाज अदा की गई। इस मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय पुलिस बल के साथ कस्बा नवाबगंज व क्षेत्र के सतीजोर, बन कसही, नौबस्ता, बक्सी गांव, सभी मस्जिदों पर मुस्तैदी के साथ गश्त करते रहे।
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अमन चैन व खुशहाली की दुआ मांगी
रिसिया। नगर कि जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने अलविदा कि नमाज अदा की। नमाज के वक्त मस्जिद पर भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। इस मौके पर हाजी महमूद अहमद, राजू रायनी, भोला, लड्डन अहमद, हाजी वसीम शेरवानी, रहीश आद लोग मौजूद रहे।
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