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घाघरा का जलस्तर बढ़ा, 70 गांवों पर बाढ़ का खतरा

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कैसरगंज के भिरगूपुरवा में कटान हर रही घाघरा नदी को निहारता किसान। - फोटो : BAHRAICH
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बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ना शुरू हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटीय इलाके के 70 गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। नेपाल के पहाड़ों से आ रहे पानी से घाघरा नदी विकराल रूप लेने लगी है। नदी में कटान भी तेजी से हो रही है।
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गुरुवार को 60 बीघा खेत नदी में कटकर समा गए। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। किसान बेबस निगाहों से खेतों को कटता हुआ देख रहे हैं। प्रशासन की ओर से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण घाघरा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने लगा है। महसी तहसील के स्पर पर नदी का जलस्तर 110.125 सेंटीमीटर दर्ज किया गया।
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यहां खतरे के निशान से घाघरा नदी कुछ ही सेंटीमीटर नीचे बची है। ऐसे में महसी व कैसरगंज तहसील क्षेत्र के 38 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसी तरह मिहींपुरवा के 32 गांवों पर भी बाढ़ का संकट बना हुआ है।
कैसरगंज के मंझारा तौकली में घाघरा नदी तेजी से कटान कर रही है। गुरुवार को मंझारा तौकली के भिरगूपुरवा व ग्यारह सौ रेती में खेती योग्य करीब 60 बीघा जमीन घाघरा नदी में कटकर समा गई। घाघरा में कटान तेज होने के कारण ग्रामीणों में दहशत है। घाघरा का विकराल रूप देखकर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
उधर, कैसरगंज तहसील के चमरौटी गांव में नाले के पास नदी के पहुंचने के कारण ग्रामीण अपने आशियाने खाली करने लगे हैं। यहां महावीरपुरवा, गुलाबसिंहपुरवा, रोहितपुरवा, बिरजा पकड़िया, बलराजपुरवा आदि गांव कटान के मुहाने पर हैं। प्रशासन की ओर से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ग्यारह सौ रेती के ग्राम प्रधान पवन निषाद का कहना है कि घाघरा नदी लगातार रौद्र रूप ले रही है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से राहत के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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