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लाल निशान छूने को बेताब घाघरा

Thu, 02 Jul 2015 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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घाघरा नदी की लहरें लाल निशान छूने को बेताब हैं। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के चलते तटवर्ती इलाकों में बसे गांव के लोगों में दहशत है। कटान थमी हुई है लेकिन कब बाढ़ आ जाए, कहा नहीं जा सकता।
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नेपाल के पहाड़ों पर भी निरंतर वर्षा होने से नेपाल से भारतीय क्षेत्रों में आने वाली गेरुआ और कौड़ियाला तथा सरयू नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश ने बताया कि रात से एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से नदी का जलस्तर रुक-रुक कर बढ़ रहा है।

अपर जिलाधिकारी व दैवीय आपदा केंद्र के प्रभारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से लगभग 95 सेंटीमीटर नीचे बह रही है लेकिन शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 135.49 मीटर के मुकाबले 134.20 मीटर पर पहुंच चुका है।
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वहीं, गोपिया बैराज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 133.50 के मुकाबले 130.15 मीटर गुरुवार को मापा गया। हालांकि, अपर जिलाधिकारी व्यवस्थाएं मुकम्मल होने का दावा जता रहे हैं।

स्वास्थ्य महकमा एलर्ट
बहराइच। बारिश के बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। बाढ़ प्रभावित स्वास्थ्य केंद्रों के आस-पास स्थापित 32 बाढ़ चौकियों पर 145 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एएनएम व आशा बहू शामिल हैं। संक्रामक रोगों से निपटने के लिए दवाओं का स्टॉक भी मेंटेन कर लिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ केबी जैन ने इसकी पुष्टि की।
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