सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जियारत के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ रहा है। चादर व निशान पेश करने के लिए जायरीन जंजीरी गेट चूमते हुए गाजी की मजार पर हाजिरी लगा रहे हैं। इस दौरान कोई गाजी की शान में कसीदे पढ़ रहा है तो कोई कोई कव्वाली पेश करते हुए मजार शरीफ पर पहुंच रहा है। अलग-अलग अंदाज में जियारत हो रही है। इसके साथ ही मेलार्थी खरीदारी भी कर रहे हैं। मुख्य मेले के लिए जायरीन की आमद बदस्तूर जारी है।
दरगाह का जेठ मेला गुरुवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गया। हालांकि मुख्य मेला 26 मई को है। लेकिन जियारत के लिए जायरीन जत्थों में दरगाह शरीफ पहुंच रहे हैं। दरगाह शरीफ का पूर्वी गेट निशान लाकर सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाने वाले अकीदतमंदों के लिए खोला गया है। यहां से जायरीन मजार शरीफ पहुंचकर निशान पेश करते हुए जियारत कर रहे हैं।
उधर, दर्शनार्थियों के लिए जंजीरी गेट व नाल दरवाजा से होकर मजार शरीफ पहुंचने की व्यवस्था है। शुक्रवार को भी पूर्वांचल, नेपाल, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व मुंबई से जायरीन जत्थों में दरगाह शरीफ पहुंचे। पूरे दिन दरगाह शरीफ मेला परिसर के अलावा चित्तौरा झील और अनारकली झील के तट पर रह-रहकर जायरीन उमड़ते रहे। ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार व तिपहिया वाहन से जायरीन निरंतर मेला परिसर में पहुंच रहे हैं। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि अब तक लगभग आठ लाख जायरीन दरगाह शरीफ पहुंच चुके हैं। मुख्य मेले तक जायरीन की आमद 13 लाख से अधिक होने का अनुमान है।