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Bahraich News: गतिशक्ति योजना पंक्चर, डग्गामारों के भरोसे सफर

Mon, 10 Feb 2025 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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 बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें। 
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बहराइच। जिले में करीब एक दर्जन स्थान ऐसे हैं, जहां आज भी लोग परिवहन निगम की बसों की बांट जोह रहे हैं। चर्दा, रिसिया, महसी, बौंडी आदि स्थानों से रोडवेज बसों का कोई इंतजाम नहीं है। इससे यहां के यात्री डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत जिले के प्रत्येक गांव को रोडवेज बस सेवा से जोड़ने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए परिवहन निगम प्रशासन ने गांव-गांव अभियान चलाकर जहां बस की उपलब्धता नहीं है वहां से बसों का संचालन कराने को कहा था। इसके बाद भी निगम के मातहत अधिकारी सरकार की योजना को गति देने में दिलचस्पी ने ले रहे हैं। इससे यात्री परेशान हैं ही, सरकार को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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केस-1
विकास खंड रिसिया मुख्यालय से यातायात का एक मात्र साधन ट्रेन थी, लेकिन अमान परिवर्तन के चलते रेल मार्ग बंद है। ऐसे में यहां के लोगों को आवागमन के लिए अब ई रिक्शा व टेंपो का ही सहारा है। बता दें कि रिसिया नगर पंचायत व्यापार के क्षेत्र में काफी बड़ी मानी जाती है। यहां से काफी संख्या में दैनिक यात्रियों, छात्रों व व्यापारियों का आना-जाना रहता है। व्यापारियों व दैनिक यात्रियों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन से निगम की बसों के संचालन की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

केस-2
जिला मुख्यालय से रूपईडीहा जाने के बीच चर्दा व बाबागंज ऐसा स्थान है जहां से निगम की बसों का आवागमन तो होता है, लेकिन ठहराव नहीं होता है। वहीं रूपईडीहा से सीधे भिनगा जाने का कोई संसाधन नहीं है। यात्रियों को निजी बस व अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी वाहन संचालक एक तरफ यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। वहीं, दूसरी तरफ सरकार को भी प्रतिदिन लाखों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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केस-3
जिला मुख्यालय से प्रतिदिन कैसरगंज के लिए छह दर्जन से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। रास्ते में देवलखा कस्बा भी पड़ता है। यहां बस स्टॉप तो बना हुआ है, लेकिन बसों का ठहराव नहीं होता है। ऐसा तब है जबकि यहां से प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का राजधानी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली आदि स्थानों के लिए आना-जाना रहता है। बसों का ठहराव न होने से यात्रियों को पांच किमी दूर कुंडासर तक जाकर बस पकड़ना पड़ता है।

केस-4
विकास खंड महसी के कई इलाके आजादी के बाद से ही बसों की बांट जोह रहे हैं। तहसील महसी मुख्यालय महाराजगंज, महसी, रमपुरवा, राजी चौराहा, बेहड़ा, इमामगंज, बौंडी आदि स्थानों से काफी संख्या में प्रतिदिन जिला मुख्यालय, दिल्ली, पंजाब, लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार आदि स्थानों तक जाने के लिए लोगों का निकलना रहता है। इसके बाद भी निगम की बसों का संचालन न होने से यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।

कुंभ बाद शुरू कराई जाएगी बसों की सेवा
अभी कुंभ मेले में ड्यूटी लगी है। 26 फरवरी के बाद वापसी होगी। इसके बाद रूपईडीहा डिपो क्षेत्र के जिन इलाकों में नियमित यात्रियों की संख्या निगम के नियमों के दायरे में आएगी वहां बस सेवा शुरू की जाएगी।
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रामप्रकाश, एआरएम रूपईडीहा डिपो
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