बहराइच। रेहुआ मंसूर गांव के पास शहतूत फार्म में तैनात चौकीदार की ठंड लगने से मौत हो गई। देर रात पिता ने हालचाल जानने के लिए उसे फोन किया तो जवाब नहीं मिला।
इस पर पिता फार्म पहुंचा तो बेटे को उल्टियां हो रही थीं और शरीर में ऐंठन थी। तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज शुरू होते ही उसने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक के मुताबिक ठंड की चपेट में आने से युवक की मौत हुई है। लेखपाल को सूचना देकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
महसी तहसील अंतर्गत रेहुआ मंसूर गांव निवासी शिवबालक गांव के पास शहतूत फार्म में चौकीदार हैं। बुजुर्ग होने के चलते वह दिन में ड्यूटी करते हैं जबकि रात में बेटा कन्हैयालाल (32) फार्म में निगरानी करता था।
प्रतिदिन की तरह कन्हैयालाल दिन में ड्यूटी कर घर लौटे। शाम को बेटे कन्हैयालाल को अपनी एवजी पर फार्म भेज दिया। शिवबालक ने बताया कि कन्हैया ओढ़ने के लिए सिर्फ एक पतला चादर लेकर गया था। रात में उसे ठंड लग गई। उल्टी और कंपकंपी छूटने लगी।
शिवबालक के अनुसार रोज की तरह उन्होंने रात 12 बजे के आसपास फोन कर फार्म का हाल जानने की कोशिश की लेकिन कन्हैयालाल का मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।
आशंका होने पर शिवबालक परिवार के सदस्यों के साथ फार्म पर पहुंचे तो यहां कन्हैयालाल की हालत खराब थी। तत्काल गांव के लोगों को सूचना दी गई और कन्हैयालाल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
लेकिन, यहां इलाज शुरू होते ही उसकी मौत हो गई। सुबह क्षेत्रीय लेखपाल सुनील अवस्थी को मामले से अवगत कराकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
इमरजेंसी में तैनात डॉ. केके वर्मा ने बताया कि कन्हैयालाल बेहोशी की हालत में लाया गया था। कंपकंपी और अन्य लक्षणों से लग रहा था कि ठंड लगने से ही उसकी हालत बिगड़ी।