बहराइच। जिले में रसोई गैस की आपूर्ति और बुकिंग व्यवस्था गड़बड़ाने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग का नंबर काम नहीं कर रहा है और ओटीपी न आने के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही है।
उधर, कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक और रसोई गैस की सीमित आपूर्ति के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है। कई घरों में गैस खत्म होने के बाद लोग मजबूर होकर फिर से लकड़ी के या अन्य चूल्हों पर खाना बनाने लगे हैं।
अकबरपुरा निवासी इदरीश और नौवागढ़ी के वीरेंद्र का कहना है कि कुछ दिनों से गैस बुकिंग के लिए कॉल करने पर नंबर नहीं लग रहा है। कई बार कोशिश करने के बावजूद ओटीपी न आने से बुकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों को लकड़ी और उपलों के चूल्हे जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
गैस की इस समस्या का असर शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ने लगा है। जिले के कस्तूरबा और प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील व अन्य व्यवस्थाओं में गैस की कमी से दिक्कतें सामने आ रही हैं। इस मुद्दे को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि सभी स्कूलों से डिमांड मांगी गई है। डिमांड मिलने के बाद उसी के अनुरूप कार्यवाही करेंगे।
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घरों में जले लकड़ी के चूल्हे
गैस बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों और समय पर सिलिंडर न मिलने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, अनेक घरों में फिर से लकड़ी के चूल्हे जलने लगे हैं। तेजवापुर के दहाव गांव में शुक्रवार को एक महिला लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती नजर आई। वहीं रामगढ़ी गांव की गीता देवी ने कहा कि गैस न मिलने से अब लकड़ी के चूल्हे का ही सहारा लेना पड़ रहा है। लोग लकड़ी और उपले के चूल्हों खाना बना रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि गैस खत्म होने के बाद कई दिनों तक नया सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
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अव्यवस्थाओं के बीच गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भीड़
नानपारा में भी गैस एजेंसियों पर अव्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। नानपारा गैस एजेंसी के कर्मचारी जयप्रकाश और चित्रांशु सिंह ने बताया कि घरेलू एलपीजी गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में स्टॉक में करीब 400 सिलिंडर हैं, जबकि 468 और 360 सिलिंडरों के दो नए लोड भी आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि नानपारा गैस एजेंसी पर कुल 23,318 उपभोक्ता पंजीकृत हैं, जिनमें से 6208 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं का केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि 6606 लोगों का केवाईसी अभी शेष है। उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी ने बताया कि गैस की उपलब्धता पर्याप्त है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस व्यवस्था लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम ने किया निरीक्षण
पयागपुर के एसडीएम अश्विनी कुमार पांडेय और सप्लाई इंस्पेक्टर ललित कुमार पाठक ने शुक्रवार को विशेश्वरगंज बस स्टॉप स्थित आशुतोष इंडेन गैस एजेंसी और पुरैना मोड़ पर स्थित कंछर इंडेन ग्रामीण वितरक एजेंसी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गोदाम में रखे भरे और खाली सिलिंडरों का अभिलेखों से मिलान किया। जांच में एजेंसियों का स्टॉक सही पाया गया।
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पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है गैस, पेट्रोल व डीजल : डीएसओ
जिला आपूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल व डीजल की कोई समस्या नहीं है। सरकार के निर्देश पर मौजूदा समय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसलिए पारदर्शी वितरण के लिए ओटीपी के माध्यम से रिफिल डिलीवरी की व्यवस्था बनाई गई। सभी आयल व एलपीजी कंपनियों के विक्रय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि गैस एजेंसी व पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि आपदा कार्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है।