बहराइच। परिषदीय विद्यालयाें में शिक्षण सत्र समाप्त होने के कुछ महीने शेष हैं। अभी तक सभी परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर नहीं पहुंच सका है जिससे नौनिहाल फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ठंड लगातार बढ़ने लगी है। ऐसे में फटे पुराने टाट-पट्टी व प्लास्टिक की चटाई बच्चों की और दुश्वारियां बढ़ा रही हैं। वहीं फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर हर साल प्रदेश सरकार लाखों रुपये का बजट जारी करती है लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इसका लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने जिले के 15 विद्यालयों की पड़ताल की तो यह दृश्य सामने आए। पेश है ध्रुव शर्मा की रिपोर्ट-
फर्श पर बैठकर पढ़ते मिले बच्चे
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 1819 प्राथमिक विद्यालय, 369 उच्च प्राथमिक व 615 संविलियिन सहित कुल 2803 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सुबह 11 बजे रहे हैं। शहर के प्राथमिक विद्यालय बड़ीहाट के दो कमरों में पढ़ाई चल रही है। एक कमरे में कक्षा एक, दो व तीन के व दूसरे कमरे में चार व पांच के छात्र-छात्राएं बैठे फर्श पर बैठे पढ़ाई कर रहे हैं। यहां शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है जिससे दिक्कत हो रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका अकबरुननिशा ने बताया कि 65 बच्चों का नामांकन हैं जिसमें 44 बच्चे आए हैं। फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराया गया है। रसोइयों ने बताया कि ढाई महीने से मानदेय नहीं मिला है। इसी के बगल प्राथमिक विद्यालय राजकीय कॉलोनी में 51 बच्चे पंजीकृत हैं जिसमें 40 बच्चे आए। 11:15 बजे प्रधानाध्यापिका अकीला बेगम फर्श पर बैठे बच्चों को पढ़ाती मिलीं।
बैंच न होने से आ रही दिक्कतें
रिसिया प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय गुरुचाही में अपराह्न दो बजे 129 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर करते मिले। प्रधानाध्यापक शिप्रा श्रीवास्तव ने बताया कि फर्नीचर की मांग की गई है। चित्तौरा प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय नगरौर प्रथम में पूर्वाह्न 11:30 बजे फर्श पर विद्यार्थी पढ़ाई करते मिले। अध्यापिका मुमताज फातिमा ने बताया कि विद्यालय में कुल 231 बच्चों का नामांकन है। बैंच न होने से बच्चों को पढ़ाने में काफी दिक्कत होती है।
आधे-अधूरे मिले फर्नीचर
धरसवां प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय धरसवां प्रथम में 100 बच्चों का नामांकन है। यहां की प्रधानाध्यापिका रेखा रानी प्रजापति ने बताया कई फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्रा ने बताया जूनियर के बच्चों के लिए ही फर्नीचर की व्यवस्था है। प्राथमिक विद्यालयों के लिए शासन से धनराशि नहीं आई है। कैसरगंज प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय देवलखा में फर्नीचर नहीं है। यहां पंजीकृत 216 छात्रों में 160 छात्र उपस्थित मिले। चर्दा प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय गंगापुर धौकलपुरवा में कुल 132 में से 48 छात्र चटाई पर बैठकर पढ़ाई करते मिले।
विज्ञान कक्ष में दरवाजा नहीं, दूसरा मिला टूटा
रुपईडीहा प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालय गौढ़ी के विज्ञान कक्ष में दरवाजा ही नहीं है। वहीं दूसरे कक्ष का दरवाजा टूटा है। प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय में फर्नीचर है। 86 विद्यार्थियों के मुकाबले सिर्फ 65 बच्चे पढ़ने आए। मॉडल प्राइमरी स्कूल रुपईडीहा प्रथम इंग्लिश मीडियम में 159 विद्यार्थियों के मुकाबले 135 उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका आलिया खातून ने बताया कि फर्नीचर नहीं है। फखरपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय कोदही नामांकन 273 हैं जिसमें 189 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय कोदही में डेस्क बेंच मौजूद है। प्राथमिक विद्यालय परागदत्त पंडितपुरवा के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमित त्रिवेदी ने बताया कि बच्चे टाट पट्टी पर बैठते हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय जैतापुर सेकंड व धर्मापुर में फर्नीचर उपलब्ध है।
- तीन ब्लॉकाें के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 90 प्रतिशत फर्नीचर उपलब्ध है। शेष विद्यालयों में दिसंबर के अंत तक फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
-आशीष कुमार सिंह, बीएसए