11 बीएचआर 22 - बहराइच में देहात कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए ठग।
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बहराइच। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सुपरवाइजर व सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का देहात कोतवाली व एसओजी की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है। टीम ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र व अन्य फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। एसपी ने टीम को 25 हजार इनाम देकर उत्साहवर्धन किया।
बलरामपुर जिले के रेहरा थाना क्षेत्र के सराम खास लोहार निवासी पप्पू वर्मा ने कस्तूरबा विद्यालय में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नियुक्त होने के लिए 40 हजार व श्रावस्ती जिले के गिलौला थानाक्षेत्र के सिविखा निवासी उदय प्रकाश शुक्ला ने भी इसी पद के लिए 10 हजार रुपये मां पाटेश्वरी कंट्रक्सन एंड सिक्योरिटी सर्विस नाम की फर्म को पैसा दिया था। यहां तैनात लोगों ने शासन से भर्ती का टेंडर मिलने का झांसा दिया था। काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब दोनों को नौकरी नहीं मिली तो पैसे की मांग की।
जब फर्म द्वारा पैसे वापस वापस नहीं किए गए तो पीड़ितों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और न्याय पाने के लिए एसपी से गुहार लगाई। एसपी ने देहात कोतवाल ओपी चौहान व एसओजी टीम प्रभारी निखिल श्रीवास्तव को घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया। संयुक्त टीम ने मुखबिर का जाल बिछाया। तभी मुखबिर से पता चला कि फर्म के दो लोग बहराइच में नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से पैसे लेने आ रहे है। मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने गोलवाघाट के पास चेकिंग अभियान शुरू की। इसी दौरान एक सफेद ब्रेजा कार आती दिखाई पड़ी और पुलिस को देखकर चालक कार भगाने लगा।
इस पर टीम ने घेराबंदी करते हुए दोनों को दबोच लिया। तलाशी ली तो फर्जी नियुक्ति पत्र, लैपटॉप, चार मुहर व एक रसीद बुक मिली। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों की पहचान गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के सलनामीपुरवा बाबागंज निवासी अवधेश मिश्रा व दूसरे आरोपी की पहचान हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के बाने कुइया निवासी देवेंद्र शुक्ला के रूप में हुई। दोनों को मुकदमे में नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया। एसपी विपिन मिश्रा ने ठगी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार नगद देकर उत्साहवर्धन किया है।
हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के बाने कुइया निवासी देवेंद्र शुक्ला पिछले दो दिनों से आर्म्स एक्ट में जेल में बंद था। बृहस्पतिवार को जेल से बाहर निकलने के बाद पुलिस ने फिर से उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसओजी प्रभारी निखिल श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि सिक्योरिटी गार्ड पद के लिए 10 हजार, सुपरवाइजर पद के लिए 40 हजार व एनआरएचएम में बाबू पद के लिए पांच लाख के अलावा चपरासी पद के लिए साढ़े तीन लाख रुपये तय थे। इसी के अनुसार लोगों से ठगी की जाती थी।