बहराइच। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देेने वाला बिल लोकसभा में पास हो गया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम के इस बिल से पहले ही जिले की राजनीति में आधी आबादी का काफी जोर है। वर्तमान में यहां दो सांसद, सात विधायक व दो एमएलसी हैं। इनमें चार पर महिलाएं काबिज हैं। वहीं शहर समेत तीन निकायों में भी महिलाओं का ही कब्जा है। ऐसे में अब आरक्षण मिलने के बाद राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी और बढ़ने की उम्मीद है।
जिले में इस समय तीन सपा से मारिया अली, भाजपा से अनुपमा जायसवाल व सरोज सोनकर विधायक है। जबकि डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी भाजपा से एमएलसी हैं। इसमें शहर सीट से बिना महिला आरक्षण के लगातार दो बार भाजपा ने अनुपमा जायसवाल को टिकट दिया है और वे जीतीं भी। पिछले कार्यकाल में वह प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं। अब संसद में महिला आरक्षण बिल पास होने पर महिलाओं की हिस्सेदारी और बढ़ेगी।
महिलाओं के हाथ में रह चुकी है सांसदी
जिले की सांसदी भी महिलाओं के हाथ में रह चुकी है। वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट से सावित्रीबाई फूले सांसद चुनी गई थी। इससे पहले रूबाब साईदा वर्ष 2004 समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुकी है। 1967 से 1972 शंकुतला नैयर कैसरगंज से सांसद रही। वहीं नानपारा से माधुरी वर्मा, महसी से नीलम सिंह, वर्ष 1972 चरदा सुरक्षित सीट से दुलारा देवी कांग्रेस से विधायक रह चुकी है। अब महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण चुनाव में मिलने से इनकी हिस्सेदारी राजनीति में पहले से ज्यादा बढ़ सकेगी।
ये ऐतिहासिक निर्णय
यह ऐतिहासिक निर्णय है। महिलाओं को वर्षो से इसका इंतजार था। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा व महिलाएं भी आगे बढ़कर अपनी बात रख सकेंगी। देश के पीएम व गृहमंत्री का यह बहुत ही सराहनीय कदम है।
डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी, भाजपा एमएलसी
भाजपा ही महिलाओं की हमदर्द
महिला आरक्षण बिल केंद्र सरकार का एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। इससे आधी आबादी को राजनीति में आगे आने का मौका मिलेगा। महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम सिर्फ भाजपा ही कर सकती है।
अनुपमा जायसवाल, पूर्व मंत्री, भाजपा विधायक सदर
महिलाओं को मिलेगा उनका हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महिला आरक्षण बिल लाकर बहुत ही अच्छा काम किया है। इससे महिलाओं को जहां उनका हक मिलेगा वहीं उनको आगे बढ़ने का मौका मिल सकेगा।
सरोज सोनकर, भाजपा विधायक बलहा