सीएमओ ने सोमवार को नानपारा और अमवा हुसैनपुर सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। नानपारा सीएचसी में चार चिकित्सक और नौ स्वास्थ्य कर्मी कर्मी ड्यूटी से नदारद मिले। इनमें चिकित्सक और पांच कर्मी ऐसे हैं जो कई दिन से ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे।
इसके अलावा यहां भोजनालय बंद मिला। जननी सुरक्षा योजना का कार्य भी प्रभावित मिला। इस पर सीएमओ ने सख्त चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने सोमवार दोपहर नानपारा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आयुष चिकित्सक डॉ. अनुराधा, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. अमान और डॉ. सुबा रिजवी आठ सितंबर से ड्यूटी से गायब मिलीं। वहीं एचटी एलएस एपी सिंह व डीके मिश्रा 10 सितंबर से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले।
स्टाफ नर्स शारदा देवी, एएनएम नमिता पाल, स्वास्थ्य कर्मी चंद्रशेखर प्रसाद, संजय चौधरी, आरएच स्टेनली, अब्दुल अहद भी ड्यूटी से नदारद मिले। सीएमओ ने इन सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। परिसर में जगह-जगह गंदगी मिली। जांच के दौरान पता चला कि जननी सुरक्षा योजना के तहत अप्रैल से अब तक 873 प्रसव हुए।
मगर जेएसवाई में अब तक किसी भी पात्र को भुगतान नहीं किया गया। भोजनालय बंद मिला। पता चला कि अब तक मात्र 167 रोगियों को ही भोजन दिया गया। इस पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी दीपक अग्रवाल को कड़ी चेतावनी दी। अमवा हुसैनपुर के निरीक्षण में प्रसव केंद्रों पर डोज वैक्सीन लगती नहीं मिली।
इस पर एमओआईसी को सीएमओ ने फटकार लगाई। यहां भी जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के लाभार्थियों का भुगतान लंबित मिला। इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।