रुपईडीहा। नेपाल जा रहे एक सराफा कारोबारी से 10 लाख रुपये लेने के आरोप में पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने चार आरक्षियों को लाइनहाजिर कर दिया है। प्रकरण जांच भी शुरू करा दी गई है।
चार दिन पूर्व आईसीपी रोड की ओर जा रहे एक नेपाली चांदी कारोबारी को रुपईडीहा थाने में तैनात मुख्य आरक्षी देवेंद्र यादव, अभिषेकधर द्विवेदी तथा आरक्षी आशीष कुमार सिंह और कुलदीप दुबे ने रोककर पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि कारोबारी के पास करीब 10 किलो से अधिक चांदी के जेवरात थे। आरोप है कि पूछताछ के दौरान कारोबारी से लगभग दस लाख रुपये की मांग की गई। रकम मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने आपस में बांट ली।
सूत्रों के अनुसार, नकद राशि लेने के बावजूद करीब दो किलो चांदी के गहने पुलिसकर्मियों ने अपने पास जबरन रख लिए, जिस पर कारोबारी से कहासुनी भी हुई। मामला जब उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस अधीक्षक ने चारों आरक्षियों को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया।
मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवकाश लेकर घर चले गए थे तीन सिपाही
चांदी कारोबारी से मोटी रकम वसूलने के बाद मामला खुलने के डर से तीन सिपाहियों ने बहाने से अवकाश ले लिया और घर चले गए। इनमें कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अभिषेकधर द्विवेदी तथा आशीष कुमार सिंह शामिल हैं। कारोबारी की शिकायत के बाद जब मामला खुला तो आनन-फानन इन पर कार्रवाई की गई।