बहराइच। लंगड़ा भेड़िया अब तक वन विभाग की पकड़ से दूर है। बीते दिनों ड्रोन कैमरे में उसके दिखाई देने के बाद टीमों ने तलाशी और तेज कर दी है। क्षेत्र में और पांच सोलर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। विभाग की टीमें लगातार कछार और आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
लंगड़े भेड़िये को रेस्क्यू करने के लिए कछार क्षेत्र में अभी तक 15 सोलर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, बीते सप्ताह तीन अन्य स्थानों पर हमले के बाद सोलर सीसीटीवी कैमरे की संख्या 20 कर दी गई है। इसके अलावा 25 ट्रैप कैमरे तथा पांच पिंजरे भी लगाए गए हैं। सात स्थानों पर जाल बिछाया गया है। विशेष गश्ती दल पैदल भ्रमण कर पगचिह्न और गतिविधियों की तलाश कर रहा है। ड्रोन कैमरों की मदद से ऊंचाई वाले इलाकों और झाड़ियों में भी निगरानी रखी जा रही है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि प्रभावित गांवों में रहने वाले ग्रामीणों से हर दिन सतर्क रहने की अपील की जा रही है। रात में घरों के दरवाजे बंद रखने, बच्चों को अकेला बाहर न छोड़ने और संदिग्ध हलचल दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। टीमों को भेड़िये के मिलने पर बेहोश कर सुरक्षित तरीके से पकड़ने का निर्देश है।
डीएफओ ने कहा कि रेस्क्यू टीम लगातार सक्रिय है और भेड़िये की गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सफलता मिलने तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।
-7 जून 2025 को बंभौरी के पचासा गांव के पास एक मादा भेड़िया पकड़ी गई।
-28 सितंबर को मंझारा तौकली में एक भेड़िये को गोली मारी गई थी, मौत।
-30 सितंबर को दो भेड़ियों को गोली मारी गई, लेकिन वे जंगल में भाग निकले, मौत की पुष्टि नहीं हो सकी।
-16 अक्तूबर 2025 को मंझारा तौकली के भिरगू पुरवा गांव में वन विभाग के शूटर ने गोली मार दी, मौत।