बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट के जंगलों में लगातार वन्यजीवों के हमलों की घटनाओं को देखते हुए वन महकमा अलर्ट हो गया है। जंगली इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा रेंज के वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से गश्त शुरू कर दी है। एक दिन पूर्व ही बाघ के हमले में महिला की मौत हो चुकी है। जबकि दो तेंदुओं ने एक युवक पर हमला कर दिया था। जिसे देखते हुए वन महकमा सजग हो गया है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में सर्द मौसम के दौरान आबादी के इलाकों में हिंसक वन्यजीवों के पहुंचने का सिलसिला भी तेज हो गया है। शाम होते ही जंगल के आसपास बसे आबादी के गांवों में दहशत का माहौल पैदा हो जा रहा है। कतर्नियाघाट रेंज के जंगलों में पति को तलाशने गई नारायण टांड़ा गांव निवासी एक महिला पार्वती पर बाघ ने हमला कर दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
वहीं चहलवा गांव निवासी एक युवक पर दो तेंदुओं ने भी हमला किया था। बढ़ते हुए हमले की घटनाओं को देखते हुए वन महकमा अलर्ट हो गया है। कतर्नियाघाट के वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव व निशानगाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर सिंह की अगुवाई में संयुक्त रूप से वनकर्मियों की टीम गश्त कर रही है।
वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि दिसंबर का महीना बाघ माह के रूप में मनाया जाता है। इसके चलते वनकर्मियों द्वारा जंगल से सटे गांवों में बाघ और तेंदुए से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गश्त के दौरान डिप्टी रेंजर रामकुमार, वन दरोगा मयंक पांडेय, कबीरुल हसन, अनिल, यमुना विश्वकर्मा, फिरोज अहमद आदि मौजूद रहे।
दी जाएगी आर्थिक सहायता
बाघ के हमले में मृतक पार्वती पत्नी खरपत्तू की मौत की जांच वन विभाग द्वारा की जा रही है। विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित परिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
-दबीर हसन, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी