मौसम ने करवट ली तो शनिवार को तराई कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। इसके चलते वाहनों की रफ्तार थम सी गई। सुबह स्कूल जाने के लिए बच्चे सिहरते हुए घरों से निकले। जनजीवन अस्तव्यस्त दिखा। पूरे दिन धूप नहीं निकली। ठिठुरन का भी लोगों को एहसास हुआ। अचानक मौसम बदलने से तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
तराई में दिसंबर की शुरुआत के साथ मौसम बदलने लगा है। अभी तक गुलाबी धूप लोगों को अच्छी लग रही थी लेकिन शनिवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। घने कोहरे के बीच दिनचर्या शुरू हुई। सुबह सात बजे स्कूल के लिए निकलने वाले बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ीं। बिस्तर छोड़ने के बाद सभी सिहरते दिखे।
वहीं मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कोहरे की चादर पूरे दिन तराई को ढके रही। इसके चलते सुबह 11 बजे तक दृश्यता महज 50 मीटर थी। 11 बजे धूप निकलने की आस जगी लेकिन सूरज नहीं चमका। पूरे दिन धुंध और कोहरा छाया रहा। ठिठुरन का भी एहसास हुआ। हल्की पछुवा हवा भी चली।
इससे लोगों को सिहरन का एहसास हुआ। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम अचानक बदला है। आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि कोहरे और ठिठुरन के चलते समस्याएं बढ़ी हैं। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।