महसी क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरे मकान। - स्रोत : ग्रामीण
बहराइच/महसी। नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने बहराइच में तबाही मचानी शुरू कर दी है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर सोमवार दोपहर खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर पहुंच गया। अब तक 13 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक इंतजाम नदारद हैं। बाढ़ चौकियों पर सन्नाटा है, न कोई कर्मचारी है और न ही कोई बचाव दल दिखाई दे रहा है। ग्रामीण अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 3.25 लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़े जाने के बाद जिले के महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसील के निचले इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। महसी तहसील के औराही, भौरी, सिपहिया, तारापुर खुर्द, माझा दरियाबुर्द समेत कई गांवों में पानी भर गया है।
ग्राम पंचायत गलकरा के महंतपुरवा और जोधेपुरवा की लगभग 500 की आबादी चारों ओर से पानी से घिर गई है। कैसरगंज तहसील के निचले इलाकों के गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
बाढ़ के साथ ही कटान की मार भी तेज हो गई है। पूरे प्रसाद गांव में नदी ने जमीन निगलनी शुरू कर दी है। गांव निवासी राजेंद्र, रामफल और हृदयराम के मकान रविवार रात तेज बहाव में बह गए। वहीं करीब 20 बीघा खेती की जमीन नदी की भेंट चढ़ गई। अचानक कटान से गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक कटान रोकने का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है।
प्रशासन का दावा, रख रहे नजर
उप जिलाधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर पल-पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।