महसी (बहराइच)। घाघरा (सरयू) नदी में जलस्तर बढ़ने से आठ गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। पानी भरने से लोगों के निकलने का रास्ता बाधित हो गया है। करीब साढ़े तीन हजार आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। अभी तक तहसील प्रशासन की ओर से बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। बाढ़ चौकियां वीरान पड़ी हैं। राजस्वकर्मी भी गांव में नहीं दिख रहे हैं। वहीं, घाघरा के बढ़ रहे जलस्तर से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
जिले में इस समय बारिश नहीं हो रही है। कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो रहा है, लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर तेज बारिश हो रही है। नेपाल से छोड़े गए पानी से महसी में स्थित घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के नई बस्ती, तारापुरवा, जोगलापुरवा, छत्तरपुरवा, अहिरनपुरवा, लोनियनपुरवा, पुरबियनपुरवा तथा मल्लाहनपुरवा गांव में पानी भर गया है। मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। लगभग साढ़े तीन हजार आबादी बाढ़ के पानी में फंस गई है। खाना-पानी के लाले पड़े हैं।
बाढ़ के पानी से नईबस्ती तारापुरवा गांव निवासी मेवालाल, कुंवारे, धर्मराज का पक्का मकान पूरी तरह घिर गए हैं। लगातार बढ़ रहे पानी से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत है। उधर, लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर के बाद भी तहसील प्रशासन की ओर बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है, लेकिन बाढ़ चौकियां वीरान पड़ी हैं। बाढ़ चौकियों पर कोई राजस्वकर्मी नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक तहसील प्रशासन सिर्फ कागजों पर ही कार्रवाई कर रहा है।
बाहर निकलने के लिए नाव ही सहारा
नईबस्ती गांव निवासी मेवालाल और धर्मराज का कहना है कि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। चारो तरफ पानी भरा हुआ है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। लेकिन तहसील की ओर से न नाव की व्यवस्था की गई और न ही बाहर निकालने के कोई इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि गांव दोनों तरफ से नदी से घिरा हुआ है।
लगातार बढ़ रहा नदी का जलस्तर
महसी तहसील में स्थित बिसवां घाघरा नदी के मापक बहोरीलाल ने बताया कि इस समय नदी का जलस्तर 112.150 सेंटीमीटर है। जबकि खतरे का निशान 113.50 सेंटीमीटर है। उन्होंने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा रही है।