बहराइच/राजीचौराहा। जिले की चार तहसीलों में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ के पानी से 82 गांव घिरे हुए हैं। महसी तहसील क्षेत्र में गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। लेकिन बाढ़ से ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। एनडीआरएफ के जवान बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को नाव द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। उधर, बाढ़ के पानी में दो लोग डूब गए।
सरयू नदी का कहर गांवों में जारी है। बाढ़ से चार तहसील क्षेत्र के 82 गांवों में पानी भर गया है। अपर जिलाधिकारी जयचंद्र पांडेय ने बताया कि महसी तहसील बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इस तहसील क्षेत्र में 58 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मोतीपुर तहसील के 11, कैसरगंज के सात और नानपारा तहसील के छह गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने से लोगों को पानी के बीच से ही आवागमन करना पड़ रहा है।
महसी तहसील में लोधनपुरवा, गड़रियनपुरवा, बैरीसालपुरवा, बैरागीपुरवा, कहारनपुरवा, पांडेयपुरवा, गोंसाईपुरवा, बगिया डीहा, सिसैया बग्गर, खैरी, गंगापुर, बाजपेईपुरवा, कायमपुर, धर्मापुर, पिपरा, पिपरी, जोगापुरवा, बरुआ बेहड़, लोहारनपुरवा, तुरंतीपुरवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। गांव पानी से घिरे हुए हैं। उपजिलाधिकारी महसी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि नाव लगाकर बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि राजस्वकर्मी निरंतर गांवों में कैंप कर रहे हैं। जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
उधर, हरदी थाना क्षेत्र के पंडितपुरवा निवासी राजन (12) पुत्र ज्वाला प्रसाद नाले के निकट से जा रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया। जिससे वह नाले में चला गया। नाले में पानी अधिक होने से बह गया। गोताखोरों ने शव को बरामद किया। उधर बौंडी थाना क्षेत्र के बिसवा गांव निवासी कीर्तन सिंह (55) पुत्र मूरत सिंह मवेशी चरा रहा था। बाढ़ के पानी में पैर फिसलने से वह नीचे चला गया। तहसीलदार राजेश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर पीएसी के फ्लड जवानों से तलाश शुरू करवाई है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक वृद्ध का शव बरामद नहीं हुआ है। तहसीलदार ने बताया कि बालक के परिवारीजनों को बाढ़ राहत आपदा कोष से राहत चेक दिया जाएगा।