बहराइच/राजीचौराहा। चार तहसीलों में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ से ग्रामीणों की दुश्वारियां घटने के बजाए बढ़ती जा रही हैं। चार तहसील के 65 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। प्रशासन सिर्फ राशन किट का वितरण कर ग्रामीणों को मरहम लगाने का कार्य कर रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम मशक्कत कर रही है, लेकिन समस्याएं होने का कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। महसी में नदी खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटपर ऊपर पहुंच गई है।
जिले के महसी, कैसरगंज, मोतीपुर और नानपारा तहसील क्षेत्र में बाढ़ से ग्रामीणों का जनजीवन अस्तव्यस्त है। गुरुवार तक महसी में शांत चल रही सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। महसी तहसील क्षेत्र के बौंडी, रतनपुर, जोगापुरवा, सिलौटा, अटोडर, तारापुरवा, कायमपुर, पिपरा, पिपरी समेत अन्य गांवों में पानी भरा हुआ है। बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम द्वारा बाहर निकाला जा रहा है। इन सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
इसके अलावा कैसरगंज तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मोतीपुर तहसील क्षेत्र में 10 गांव और नानपारा तहसील के नौ गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। महसी में घाघरा नदी ने कटान भी शुरू कर दी है। तहसील के मांझा दरिया बुर्द के बाबा मेला गांव व मास्टरपुरवा में नदी ने कटान तेज कर दी है। बाबा मेला गांव में कृपा, सोबरन, आहिवरन, संतोष, रमेश, हरिद्वार, आशाराम, अयोध्या प्रसाद, सियाराम, बेनीराम आदि के मकान कटान की भेंट चढ़ गए हैं। इससे ग्रामीणों में हड़कंप है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि कटान होने की सूचना मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ितों को आर्थिक मदद की जाएगी।
नदी का जलस्तर एक नजर में-
घूरदेवी पर खतरे का निशान- 112.135 सेंटीमीटर
वर्तमान जलस्तर- 112.250 सेंटीमीटर
तीन बैराजों से छोड़ा गया पानी
उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर घट रहा है। लेकिन पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शारदा बैराज से 168408 क्यूेसक, गिरिजापुरी बैराज से 141702 और सरयू बैराज से 16419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।