तीन बैराज से घाघरा नदी में लगभग 5.33 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते आगामी 48 घंटे में स्थिति काफी नाजुक हो सकती है। बाढ़ के हालात भी बन सकते हैं। महसी और कैसरगंज क्षेत्र में कटान फिर शुरू हो गई है। 13 ग्रामीणों की 48 बीघा खेत नदी में समाहित हो गए हैं। इसके बावजूद अभी तक बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।
केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटे से उतार चढ़ाव की स्थिति बन रही है। रात से अब तक नदी का जलस्तर पूरी तरह 105.456 मीटर पर स्थिर है। उन्होंने कहा कि पूर्वानुमान जलस्तर बढ़ोतरी के मिल रहे हैं।
उधर, महसी तहसील अंतर्गत पिपरा गांव के निकट नदी तेज कटान कर रही है। नदी ने गांव निवासी रमेश, उमेश कुमार, लक्ष्मीधर, विसंबर, राजाराम, राम आशीष समेत 13 ग्रामीणों की 48 बीघा खेती योग्य जमीन को लील लिया है। कैसरगंज क्षेत्र में गड़रियनपुरवा के निकट भी लगभग 40 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है।
एसडीएम चंद्रपाल तिवारी और कैसरगंज एसडीएम जेपी सिंह का कहना है कि राजस्वकर्मियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी की स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है। सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल हैं। अगर बाढ़ के हालात बनते हैं तो तत्काल बचाव राहत शुरू किया जाएगा।
बैराज पर निरंतर बढ़ रहा जलस्तर
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के सहायक अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि बैराज पर जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। इस समय एक लाख 34 हजार 20 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जबकि शारदा बैराज से 2.18 लाख क्यूसेक और बनबसा बैराज से 1.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में आगामी 48 घंटे में घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है।