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पांच ग्रामीणों के आवास का पैसा दूसरों के खाते में भेजा

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मटेरा (बहराइच)। राघवजोत गांव निवासी पांच ग्रामीणों को एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री आवास के लिए चयनित किया गया। लेकिन ग्रामीणों के आवास का पैसा उनके खाते में नहीं आया। बल्कि यह रुपये दूसरे पांच ग्रामीणों के खाते में भेज दिए गए।
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दूसरे ग्रामीणों ने आवास भी बनवा लिए। इसकी जानकारी होने पर पीड़ितों ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने परियोजना निदेशक से जांच कराई तो शिकायत सही मिली। डीएम ने ग्राम प्रधान व संलिप्त वीडीओ के विरुद्ध केस दर्ज कराने के निर्देश दिए, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है।
शिवपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राघवजोत निवासी हुसैनी पुत्र पुत्ती, मुरली पुत्र रामफल, तीरथ पुत्र बच्चू, परमा देवी पत्नी नाही और कृपाराम पुत्र छंगा मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। सभी ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन ग्राम प्रधान के माध्यम से कराया। पांचों ग्रामीणों को आवास के लिए चयनित कर लिया गया।
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एक वर्ष पूर्व उनका प्रधानमंत्री आवास की सूची में नाम आ गया और आवास मिल गए। मगर ग्रामीणों को आवास निर्माण का पैसा उनके खाते में नहीं भेजा गया, बल्कि पैसा दूसरे पांच ग्रामीणों के खाते में भेज दिया गया। शिकायत पर डीएम शंभु कुमार के निर्देश पर परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंह ने जांच की तो शिकायत सही मिली।
परियोजना निदेशक ने प्रधान व ग्राम सचिव की मिलीभगत से दूसरे ग्रामीणों के आवास बनवाने जाने की रिपोर्ट भेजी। साथ ही बीडीओ शिवपुर को ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ है। इस मामले में परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच करायी गयी थी। शिकायत सही मिलने पर बीडीओ को केस दर्ज कराने के निर्देश दिए थेे। बीडीओ से रिपोर्ट तलब कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पात्रों के स्थान पर इन ग्रामीणों ने बनवाए आवास
परियोजना निदेशक ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि हुसैैनी पुत्र पुत्ती के स्थान पर रेहाना, मुरली पुत्र रामफल की जगह कुसुमी, तीरथ पुत्र बच्चू के नाम पर कमला देवी, परमा देवी पत्नी नाही के स्थान पर परमा देवी पत्नी पन्नेलाल और कृपाराम पुत्र छंगा के स्थान पर कृपाराम पुत्र अज्ञात ने आवास बनवाया है।
एक लाभार्थी ने फांसी लगाकर दी जान
राघवजोत गांव निवासी विष्णुलाल की पत्नी आंचल देवी ने बताया कि उनके पति के नाम आवास आया था। पत्नी ने बताया कि आवास की प्रथम किश्त 40 हजार रुपये भी आई। शेष रुपये खाते में नहीं आए। ग्राम प्रधान से शिकायत की तो उन्होंने अभद्रता कर भगा दिया। इससे क्षुब्ध पति ने आठ माह पूर्व फांसी लगाकर जान दे दी थी।
विधायक ने भी लिखा पत्र
महसी विधायक सुरेश्वर सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर घोटाले की जांच करवाने की मांग की थी। विधायक व ग्रामीणों के संज्ञान को लेकर डीएम शंभु कुमार ने परियोजना निदेशक को पत्र जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही मिली। लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है।
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