बहराइच। खैरीघाट के उढरापुरवा मुनीपुरकला गांव निवासी हत्या के पांच दोषियों को एडीजे चतुर्थ कोर्ट ने बुधवार को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्तों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर सभी को एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
उढरापुरवा मुनीपुरकला गांव निवासी सोमई ने पहली नवंबर 2003 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनके गन्ने के खेत से गांव के ही जगतराम अगोरा काट ले गए थे। इसी को लेकर उनका जगतराम से विवाद हो गया था।
पहली नवंबर की शाम सात बजे जगतराम, मौजीलाल, देशराज, कोने व तेजराम ने धारदार हथियार और लाठी-डंडों से लैस होकर घर पर हमला बोल दिए। सभी ने मारपीट शुरू कर दी। घटना में उनके बेटे तहसीलदार व भाई भगौती को गंभीर चोट आई थी।
घटना के कुछ घंटे के बाद ही भाई भगौती की मौत हो गई थी। थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की थी। मामले की सुनवाई करते हुए चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने आरोपी जगतराम, मौजीलाल, देशराज, कोने व तेजराम को दोष सिद्ध करते हुए सभी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।