घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से फिर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके कारण बाढ़ प्रभावित 22 गांवों में पानी घुस गया है। दुश्वारियां बढ़ रही हैं। कटान भी शुरू है। गोलंगज में पांच मकान नदी में कटकर बह गए हैं।
फ्लड पीएसी के जवान राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक 22 गांवों में फंसे ग्रामीण बाहर नहीं नहीं निकल सके हैं। स्थिति निरंतर गंभीर होती जा रही है। प्रशासनिक राहत सहायता नाकाफी दिख रही है।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति तीन दिन से बनी हुई है। रात में अचानक नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि मंगलवार रात से सुबह तक नदी का जलस्तर 20 सेमी बढ़ा है।
बुधवार दोपहर बाद नदी का जलस्तर 106.776 मीटर रेकॉर्ड किया गया। यह जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि दोपहर में जलस्तर फिर स्थिर हो गया है। लेकिन जलस्तर में बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। नदी में पानी बढ़ने से तीन ग्राम पंचायतों के 22 मजरे बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
इन गांवों में बाढ़ का पानी और बढ़ने लगा है। फतेहपुर से आए फ्लड पीएसी के जवान राहत कार्य में जुटे हैं। लेकिन नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव के चलते उनका बचाव अभियान सुचारु तरीके से नहीं चल पा रहा है।
उप जिलाधिकारी एसपी शुक्ला ने बताया कि नाव और स्टीमर के सहारे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर तटबंध पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ राहत चौकियाें से भी राहत सहायता पहुंचाई जा रही है।