मिहींपुरवा/गायघाट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिले का दौरा 28 अगस्त को है। इसको लेकर अधिकारी तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में उपचुनाव में जनता को लुभाने के लिए अरसे से नगर पंचायत का दर्जा मांग रहे मिहींपुरवा की मांग पूरी हो सकती है। इसके अलावा पांच वन ग्रामों की राजस्व गांव में घोषणा मुख्यमंत्री की ओर से किए जाने की भी संभावना जतायी जा रही है। इससे मिहींपुरवा के साथ पांच राजस्व गांवाें के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
बलहा विधानसभा क्षेत्र का आधा हिस्सा कतर्नियाघाट जंगल से सटा हुआ है। इनमें पांच वन ग्राम भी शामिल हैं। वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाए जाने को लेकर ग्रामीणों के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं भी आंदोलन कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल सका है।
वर्ष 2014-15 के बलहा उपचुनाव में सपा ने मिहींपुरवा कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा देने का वादा किया था। क्षेत्र की जनता ने उपचुनाव में सपा के बंशीधर बौद्ध को चुनाव भी जितवाया, लेकिन मिहींपुरवा को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल सका है।
इसके बाद वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बलहा के तत्कालीन भाजपा विधायक अक्षयवरलाल गोंड नेे मिहींपुरवा को नगर पंचायत व पांच वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक वादे पर अमल नहीं हो सका है।
ऐसे में उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोतीपुर में आएंगे। मुख्यमंत्री की सभा को देखते हुए ग्रामीणों में हर्ष है। ग्रामीण संभावना जता रहे हैं कि मुख्यमंत्री मिहींपुरवा को नगर पंचायत व पांच वन ग्रामों को राजस्व गांवों का दर्जा दे सकते हैं।
इन गांवों को मिल सकता है राजस्व ग्राम का दर्जा
मिहींपुरवा विकास खंड के वनग्राम बिछिया, भवानीपुर, ढकिया, टेड़िया और महबूबनगर को राजस्व गांव का दर्जा मिलने की संभावना है।
गोकुलपुर गांव को दिवाली में मिला तोहफा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेे बीते अक्तूबर में दीपावली के मौके पर ककरहा रेंज के जंगल सेे सटे वनग्राम गोकुलपुर को राजस्व गांव का दर्जा दे दिया था। इससे गांव के लोगों की दिवाली और बेहतर हो गई। अब अन्य पांच गांव के ग्रामीणों की नजरें भी मुख्यमंत्री की घोषणा पर टिक गई हैं।