मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में स्थित वन ग्राम।
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मिहींपुरवा(बहराइच)। 75 साल के लंबे इंतजार के बाद अब पांच वनवासी गांवों को सरकार की तरफ से प्रदत्त सभी सुविधाओं की सौगात मिलेगी । आजादी के बाद पहली बार जिले की मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के किनारे निवास कर रहे पांच वनवासी गांवों के लोग भी अब उन सभी सरकारी योजनाओं का फायदा उठा सकेंगे जो राजस्व ग्रामों को मिलती है। सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाने के कारण ही अभी तक इनका जीवन यापन जंगलों के आसपास ही रह कर किसी तरह कट रहा है। इन वन ग्रामों के निवासियों को सार्वजनिक शौचालय, राशन कार्ड, आवास, नाली खंड़जा सहित सरकारी स्कूलों में मिलने वाली मुफ्त शिक्षा तक से वंचित रहना पड़ता था।
प्रदेश की योगी सरकार ने अब ऐसे पांच वनवासी गांवों में सभी सरकारी सुविधाओं का फायदा पहुंचाने का निर्णय कर बड़ी सौगात दी है। इससे बीते सात दशक से उपेक्षित इन वन ग्रामों को भी राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त होने के साथ ही संविधान में मिले अन्य सभी अधिकार भी प्राप्त होंगे। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन की तरफ से तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर) के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र में रहने वाले पांच वन ग्राम भवानीपुर, बिछिया, टेड़िया, ढकिया और गोकुलपुर का ग्राम कोड भी जनरेट कर दिया गया है। इसकी जानकारी से सभी पांच वन ग्रामवासियों के चेहरे पर अपार खुशी है। वन ग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तित हुए गांव में राजस्व की टीमों का भ्रमण भी शुरू हो गया है।
सरकार द्वारा पांच वन ग्राम को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की पहल के तहत कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के पांच वनवासी ग्रामों का राजस्व ग्राम कोड निर्गत कर दिया गया है। इससे इन पांच गांवों के अब पूरी तरह से राजस्व ग्राम बन जाने के कारण ग्रामीणों को जल्द ही सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा