बहराइच-लखीमपुर सीमा के पास खैरटिया गांव में हाथी की मौत के बाद जांच करते वनाधिकारियों की टीम।
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बिछिया (बहराइच)। लखीमपुर और कतर्नियाघाट की सीमा पर मृत मिले नेपाली हाथी के शव का पोस्टमार्टम रविवार को कराया गया। पांच चिकित्सकों के पैनल ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। तीन दिन के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी। फील्ड डायरेक्टर ने किसान व ग्राम प्रधान के बयान भी दर्ज किए हैं। इस दौरान दोनों रेंज के वनाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
दुधवा टाइगर रिजर्व के उत्तर निघासन रेंज अंतर्गत खैरटिया गांव के पास शनिवार को दोपहर एक नेपाली हाथी का शव कुछ लोगों ने पड़ा देखा था। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। यह हिस्सा कतर्नियाघाट रेंज की सीमा से सटा हुआ था। ऐसे में दुधवा और कतर्निया वन प्रभाग के वनाधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
सीमा विवाद में कई घंटे तक हाथी के शव को कब्जे में लिए जाने को लेकर असमंजस रहा। हालांकि दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक की ओर से निशानदेही कराए जाने के बाद यह क्षेत्र कतर्नियाघाट की सीमा के अंतर्गत मिला था। हालांकि फील्ड डायरेक्टर ने दोनों प्रभाग के वनाधिकारियों को मौके पर लगा दिया था।
हाथी का शव खैरटिया रेंज कार्यालय ले जाया गया। फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर, लखीमपुर के पशु चिकित्साधिकारी एसए रिजवी, डॉ. एएन कटिहार, डिप्टी डायरेक्टर लखनऊ जोन डॉ. उत्कर्ष शुक्ला व सीतापुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष सिंह के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। तीन दिन के बाद पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आएगी।
फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद खेत मालिक जागीर सिंह और ग्राम प्रधान का बयान दर्ज किया गया है। अभी मामले की जांच की जा रही है। इस मौके पर कतर्निया के डीएफओ जीपी सिंह, एसडीओ यशवंत सिंह, रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन, वन क्षेत्राधिकारी उत्तर निघासन दिनेश बडोला आदि मौजूद रहे।