बहराइच। राज्य कर विभाग की जांच में फर्जी कागजात के आधार पर फर्म का पंजीकरण कराने का खुलासा हुआ है। शहर में मौके पर हुई जांच में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। फर्म के पंजीकरण में जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है, वे भी गड़बड़ मिले। कोतवाली नगर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उपायुक्त, राज्य कर खंड-1 कार्यालय बहराइच में मेसर्स सोमनाथ ट्रेडर्स फर्म का पंजीकरण 09 अप्रैल 2025 को सपोर्ट सर्विसेज एग्रीकल्चर, हंटिंग और फॉरेस्ट्री श्रेणी में कराया गया था। फर्म का पता शहर के मोहल्ला गुलामअलीपुरा, में एसएच-96 रोड, बहराइच दर्ज है।
राज्य कर अधिकारी शुचि राय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 29 अगस्त को फर्म का स्थलीय सत्यापन किया गया, जिसमें फर्म का संचालन पूरी तरह बंद मिला। स्थानीय स्तर पर भी किसी प्रकार की गतिविधि नहीं पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि पंजीयन के समय अपलोड किए गए दस्तावेजों में नाम और पहचान से संबंधित गंभीर भिन्नताएं थीं।
इसके बाद पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति का मिलान करने पर यह साफ हुआ कि फर्म ने फर्जी आधार और नगर निगम से संबंधित कूटरचित प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर पंजीकरण प्राप्त किया था। निर्धारित पते पर फर्म का कोई भी व्यवसाय मौजूद नहीं है, इसे देखते हुए विभाग ने फर्म को अस्तित्वहीन और पूर्णतः बोगस घोषित कर दिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि राज्य कर अधिकारी की तहरीर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण करवाने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।