जरवलरोड। जरवल नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में 23.44 लाख रुपये जमा दिखाने के लिए फर्जी चालान लगाने के मामले में आरोपी जीसी ग्लोबल आईसोर्स ओसियन प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक आरती शुक्ला को न्यायालय से राहत नहीं मिली। सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। वह फिलहाल जेल में बंद हैं।
जरवल नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पीएफ के 23 लाख 44 हजार 341 रुपये कंपनी की ओर से कथित तौर पर फर्जी चालान के माध्यम से नगर पंचायत कार्यालय में जमा किए गए थे। कर्मचारियों की शिकायत के बाद अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने मामले की जांच कराई। जांच में मामले का खुलासा होने के बाद कार्रवाई शुरू की गई।
ईओ की तहरीर पर जरवलरोड थाने में लखनऊ स्थित जीसी ग्लोबल आईसोर्स ओसियन प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक आरती शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सीजेएम न्यायालय के साथ ही हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन दोनों स्तरों से उन्हें राहत नहीं मिली।
इसके बाद आरती शुक्ला ने जुलाई में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। तभी से वह जेल में बंद हैं। अब सत्र न्यायालय के न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने भी बुधवार को सुनवाई करते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।