रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल में लागू संविधान के विरोध के साथ ही अलग मधेस प्रदेश स्थापना की मांग और तेज हो गई है। शनिवार सुबह मधेस आंदोलनकारी इंडो-नेपाल सीमा के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और अंतरराष्ट्रीय मार्ग जाम कर दिया।
मोर्चा के प्रवक्ता को पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो आंदोलनकारी उग्र हो गए। इस पर पुलिस ने तीन चक्र फायरिंग की। जवाब में मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पथराव किया।
फायरिंग और पथराव में महिला नेता समेत नौ आंदोलनकारी घायल हुए हैं। चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। उधर, सीमा पर संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसबी ने भारतीय क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है। शाम पांच बजे यहां आवागमन बहाल हुआ।
संयुक्त तराई मधेस मुक्ति मोर्चा के बैनर तले आंदोलनकारियों ने मधेस प्रदेश स्थापना को लेकर शनिवार को आरपार संघर्ष का ऐलान कर दिया।
सुबह 10:30 बजे मोर्चा के प्रवक्ता पशुपति दयाल मिश्र व बांके जिले के नेता विद्याप्रकाश, कमरुद्दीन राई, विजय गुप्ता, संघीय समाजवादी पार्टी की महिला नेत्री मनता बनिया और कौशल किशोर की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी भारत-नेपाल सीमा के मुख्य द्वार पर पहुंच गए।
यहां सभी ने मधेस प्रदेश स्थापित करो, संविधान में बदलाव करो के नारे लगाते हुए भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर नाकाबंदी कर आवागमन रोक दिया। भारत से नेपाल को जाने वाली खाद्य वस्तुओं के वाहनों को भी नेपाल में प्रवेश देने से रोक दिया गया।
नेपाल आर्म्स पुलिस फोर्स के जवानों ने आंदोलनकारियों को मुख्य द्वार से हटाने की कोशिश की, जिस पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्हें नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस ने तीन चक्र हवाई फायरिंग की तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया।
संघर्ष में संघीय समाजवादी पार्टी महिला विंग की बांके जिलाध्यक्ष मनता बनिया को पैर में गोली लगी है। संगठन के पदाधिकारी जगदीश बहादुर सिंह लाठी लगने से घायल हो गए। पुलिस ने भी जवाबी पथराव किया, जिसमें रंगीलाल लोनिया, लक्ष्मी पासी, राजेश वर्मा, रामधनी कोरी, ननकू सिंह समेत नौ कार्यकर्ता घायल हुए हैं। वहीं, चार पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने किसी तरह स्थिति पर नियंत्रण पाया।
पथराव और फायरिंग के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास किया, उन्हें एसएसबी और पुलिस ने नेपाल सीमा में खदेड़ा। नेपाल बांके के एसपी बसंत पंत ने कहा कि एपीएफ के जवान आंदोलनकारियों पर नजर रख रहे हैं। पथराव करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
सीमा पर हलचल और संवेदनशीलता को देखते हुए रुपईडीहा बॉर्डर आउटपोस्ट के एसएसबी जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। नोमेंस लैंड पर गश्त बढ़ा दी गई है। नेपाल में भारतीय वाहनों और यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सीमा पर दोपहर बाद पैदल जाने वालों को छूट दी गई।
फिर शाम तक वाहनों का भी आवागमन बहाल हुआ। डिप्टी कमांडेंट एसएसबी जयप्रकाश और सहायक सेनानायक प्रियदर्शनी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र सुरक्षित है। सीमा पार गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। खुली सीमा होने के चलते भारतीय क्षेत्र में चौकसी बरती जा रही है।
रुपईडीहा में भी जनजीवन अस्तव्यस्त
रुपईडीहा (बहराइच)। सीमा पर प्रदर्शन के चलते नेपाल जाने वाले वाहनों को भारतीय क्षेत्र में ही रोक दिया गया, जिस कारण रुपईडीहा बाजार में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं नेपाल के नागरिकों के रुपईडीहा न आने के चलते बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
मालूम हो कि नेपाल के काफी लोग हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, मुंबई व अन्य स्थानों पर नौकरी करते हैं। त्यौहार होने के चलते वह भी घर लौट रहे हैं। ऐसे में दोपहर तक सीमा पर नाकाबंदी के कारण लोग भारतीय क्षेत्र में फंसे रहे।
दोपहर बाद पैदल जाने वालों को अनुमति दी गई तब लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन नेपाल जाने वाले पेट्रोलियम पदार्थ और खाद्यान्न के वाहन रुपईडीहा क्षेत्र में शाम तक फंसे रहे। उग्र आंदोलन के चलते वाहन चालकों को हालात सामान्य होने तक रुकने के निर्देश दिए गए हैं।