नानपारा कोतवाली क्षेत्र के इटहा गांव में रविवार देर रात एक ग्रामीण के मकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश करते, तब तक घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। मां की चीख सुनकर बेटे दौडे़, लेकिन आग की लपटों के आगे बेबस रहे। आग से मकान में सो रही महिला जिंदा जल गई। पुलिस व राजस्व कर्मियों ने मौके का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नानपारा कोतवाली क्षेत्र के इटहा गांव निवासी उदासा (60) पत्नी हरीराम फूस के मकान में रहती थी। दूसरे हिस्से में उसके पुत्र बारी व ननकऊ रहते हैं। रविवार देर शाम उदासा खाना खाकर घर में सो गई। इसी बीच देर रात करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से मकान में आग लग गई। जब नींद खुली, तब तक उदासा आग की लपटों से घिर चुकी थी। उसकी चीख पुकार सुनकर पड़ोस के फूस के मकान में सो रहे उसके बेटे दौड़े।
गांव के लोग भी एकत्र हो गए, लेकिन आग की तेज लपटों से घिरी उदासा को बचाया नहीं जा सका। किसी तरह मकान के बरामदे में बंधे मवेशियों को निकाला गया, लेकिन वह भी झुलस गए। आग से मकान में रखे 50 हजार के जेवरात, अनाज, कपड़ा, बर्तन आदि सभी कुछ जलकर राख हो गया। घटना में दो लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने करीब रात दो बजे आग पर काबू पाया।
घटना की सूचना सुबह तहसील को दी गई। क्षेत्रीय लेखपाल रामप्रसाद शुक्ला, उपनिरीक्षक अरविंद कनौजिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आग से जिंदा जली महिला के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। नुकसान का मुआयना कर लेखपाल ने रिपोर्ट तहसील को भेजी है। उपजिलाधिकारी एसपी शुक्ला का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।