आग से तीन कारीगर झुलसे
कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर एक मकान में शनिवार की दोपहर तक लंच पैकेट तैयार कर दिए गए। करीब 3.00 बजे अधिकारियों ने चाय बनाने के लिए कहा। चाय बनाने के लिए धर्मेंद्र और वीरेंद्र ने नया सिलिंडर लगाया। उसमें वाल्व न होने से गैस सीधे निकलने लगी। इससे अचानक आग लग गई। मौजूद लोगों ने आग पर तो काबू पा लिया। लेकिन, इससे पहले धर्मेंद्र, वीरेंद्र और रामानंद बुरी तरह झुलस गए।
इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया
जानकारी मिली तो अधिकारियों ने बेहतर इलाज का आश्वासन तो दिया, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते ही चुपचाप वहां से निकल गए। कुछ देर में झुलसे हुए तीनों लोगों की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भी प्रशासन या ठेकेदार ने सुध नहीं ली। देर शाम स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बेलहरी ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के नाम पर सिर्फ इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया। समय बीतने के साथ तकलीफ बढ़ी तो परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फखरपुर पहुंचाया।
प्रशासन की ओर से किसी ने हाल नहीं जाना
झुलसे हुए कारीगर धर्मेंद्र और वीरेंद्र ने बताया कि हादसे के बाद ठेकेदार मौके से फरार हो गए। किसी ने उनकी मदद नहीं की। गंभीर हालत के बावजूद प्रशासन की ओर से किसी ने हाल नहीं जाना।