महसी (बहराइच)। तहसील क्षेत्र में सोमवार सुबह एक किसान के खेत में आग लग गई। चल रही तेज हवा के चलते आग कई गांवों के खेत में फैल गई। लगभग 300 बीघा गेहूं की फसल किसानों के आंख के सामने राख हो गई। सूचना दमकल कर्मियों को दी गई। लेकिन सूचना के नौ घंटे बाद भी दमकल कर्मी नहीं पहुंचे। जिससे आग देर शाम तक रह-रह कर जल रही थी। अग्निकांड का आंकलन किसान नहीं कर सके हैं।
महसी तहसील अंतर्गत ग्राम नौबस्ता में सोमवार सुबह अज्ञात कारणों से किसान के खेत में आग लग गई। आग की सूचना पाकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन चल रही तेज हवा ने नौबस्ता के बाद अटोडर, तूलापुर, चुरलिया, पुरैना, रानीबाग, जैतापुर, घुरेहरीपुर, बिसवां गांव में लगे खेत को आगोश में ले लिया। आग के विकराल रूप धारण करने की सूचना ग्रामीणों ने जिलाधिकारी शंभु कुमार और उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी दी। लेकिन उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद भी दमकल कर्मी नहीं पहुंचे। जिससे आग नौ गांव में फैल गई।
नौ गांव में किसानों की 300 बीघा से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई। किसानों के मुताबिक लगभग 25 लाख से अधिक फसल का नुकसान हुआ है। क्षेत्र निवासी किसान रघुनाथ सिंह, वीरेंद्र अवस्थी, रणधीर सिंह, रीता देवी, वीरेंद्र सिंह, सावित्री देवी, चुन्नू सिंह, बुद्धा सिंह, लल्लू, महेंद्र प्रताप ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम नहीं पहुंची। जिससे आग देर शाम चार बजे तक भी खेतों में बढ़ती गई। उपजिलाधिकारी ने आंकलन के लिए हलका लेखपाल श्यामसुंदर को भेजकर इति श्री कर ली।
महसी तहसील के नौै गांवों में आग इतनी तेजी से फैली कि खेत में मौजूद वनरोज, बारहसिंघा समेत अन्य जंगली जीव-जंतु झुलस गए। इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है।