लखनऊ के गोमतीनगर निवासी एक परिवार चार दिन पूर्व कतर्नियाघाट सेंक्चुरी भ्रमण पर आया था। यहां पर प्रवास के दौरान परिवार ने सुबह-शाम जंगल का भ्रमण किया। बुधवार को सुबह कतर्नियाघाट तटबंध पर गेरुआ नदी के किनारे एक बाघ बैठा दिखा। सामने बाघ को देखकर परिवार पहले तो सहम गया। फिर 20 मिनट तक गाड़ी खड़ी कर उसके निकलने का इंतजार किया। इस दौरान बाघ ने दहाड़ लगाई। इसके बाद जंगलों में चला गया। जिससे परिवार काफी रोमांचित रहा। इस परिवार ने तीसरी बार कतर्निया सेंक्चुरी में बाघ देखा।
लखनऊ के नेहरू इंक्लेव गोमतीनगर निवासी आरके सिंह रिलायंस कंपनी के रिटायर्ड जीएम हैं। उन्हें वन और वन्यजीवों से काफी लगाव है। उनकी पुत्री रिद्धिमा सिंह और जयश्री भी पिता की तरह प्रकृति से काफी लगाव रखती है।
बीते शनिवार को आरके सिंह परिवार के साथ कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के भ्रमण पर निकले थे। आरके सिंह बताते हैं कि बुधवार को सुबह 6:40 बजे वह कार में परिवार के साथ कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी से सटे तटबंध पर भ्रमण के लिए निकले। तभी 500 मीटर चलने पर झाड़ियों के सामने बेटी रिद्धिमा ने बाघ बैठा देख इशारा किया। सभी ने गाड़ी बंद कर बाघ के निकलने का इंतजार किया।
20 मिनट बाद बाघ ने दहाड़ लगाई और तटबंध से नीचे उतरकर गेरुआ नदी की झाड़ियों में चला गया। इस दौरान परिवार के लोगों ने फोटोग्राफी की गई। उधर, आरके सिंह ने बताया कि वह पहली बार 21 दिसंबर 2015 को परिवार के साथ आए थे। सुबह छह बजे भ्रमण के दौरान इसी तटबंध पर एक मादा व तीन शावक के साथ ही नर बाघ दिखाई पड़ा था। इसकी फोटोग्राफी रिद्धिमा सिंह ने की थी।
इसके बाद 19 दिसंबर 2016 को पुन: परिवार भ्रमण पर कतर्निया पहुंचा तो सेंट्रल स्टेट फार्म के निकट बाघ दिखा। उन्होंने कहा कि कतर्नियाघाट फ्र्रेंड्स क्लब का सदस्य बनकर वन और वन्यजीव संरक्षण का काम करने की तैयारी कर रहे हैं।