बहराइच। नया पेराई सत्र शुरू होने के करीब है। इसके बावजूद जिले के डेढ़ हजार से अधिक गन्ना किसानों द्वारा बीते सत्र में बेचे गए गन्ने का 87 करोड़ रुपया का भुगतान चिलवरिया स्थित सिंभावली चीनी मिल में अटका पड़ा है। महीनों से अटके गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान न मिलने से किसान परेशानहाल है। दूसरी तरफ भुगतान को लेकर चीनी मिल प्रबंधन चुप्पी साधे है।
गन्ने को नकदी फसल के रूप में अपनाने वाले किसानों की संख्या बीते कुछ वर्षों में बढ़ी है। किसान गन्ने की पैदावार कर अच्छी आय भी प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन कुछ चीनी मिलों की ओर से किसानों से गन्ना खरीदने के बाद भी इसका भुगतान जानबूझकर कर अटकाया जा रहा है। जबकि सरकार की तरफ से सभी चीनी मिलों को गन्ने की तौल के बाद ही किसानों को इसकी कीमत का भुगतान करने का निर्देश है। गोंडा मार्ग स्थित सिंभावली शुगर्स लिमिटेड की तरफ से बीते पेराई सत्र में किसानों से 26 नवंबर से 26 फरवरी तक के बीच 31.35 लाख क्विंटल गन्ना लिया गया था।
इसके एवज में मिल को 109.41 करोड़ का भुगतान करना था। इसके सापेक्ष मिल की तरफ से किसानों को मात्र 11 दिन तक चली भुगतान प्रक्रिया में अब तक सिर्फ 17.73 करोड़ रुपया का ही भुगतान किया गया जबकि 87 करोड़ करीब का बकाया भुगतान अटका है। चीनी मिल के पास साल भर से अटका गन्ने मूल्य का बकाया न मिलने से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी के घर मांगलिक कार्यों में रुकावट आ रही है तो किसी को इलाज कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। काफी संख्या में किसान कर्जदार भी हो गए हैं। इसके बाद भी मिल प्रबंधन किसानों का बकाया भुगतान करने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
पूंजी फंसने से परेशानी
मिल द्वारा भुगतान न किए जाने से लागत भी फंसी हुई है। गन्ने की पैदावार में सिंचाई, कीटनाशक, कटाई छिलाई व मिल तक पहंचाने में काफी खर्च आता है। काफी किसान कर्जदार भी हो चुके हैं। ननके सिंह।
इलाज में आ रही परेशानी
बकाया धन न मिलने से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के सदस्यों के बीमार पड़ने पर भी आर्थिक दिक्कतें उठानी पड़ रही है। सरकार को शीघ्र बकाया भुगतान कराने पर ध्यान देना चाहिए। प्रेम सिंह।
आश्वासन बना छलावा
पूर्व में कई बार मिल प्रबंधन से वार्ता की गई। उनकी ओर से शीघ्र ही बकाया भुगतान का आश्वासन दिया जा रहा है। इसके बाद भी एक वर्ष बीतने को है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। हृदय नारायण।
सीएम योगी से लगाएंगे गुहार
किसानों के हक की लड़ाई लड़ते हुए कई बार मिल प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। इसे लेकर किसानों के साथ धरना प्रदर्शन भी किया जा चुका है। इसके बाद भी मिल प्रबंधन भुगतान नहीं कर रहा। अब इसके लिए सीएम से गुहार लगाई जाएगी। मन्नू सिंह।
शीघ्र भुगतान का कर रहे प्रयास
सिंभावली शुगर्स लिमिटेड पर किसानों का 87 करोड़ रुपया बकाया है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मिल प्रबंधन से वार्ता कर किसानों का भुगतान शीघ्र कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। शैलेश कुमार मौर्य, जिला गन्ना अधिकारी।