तराई का मौसम शुक्रवार दोपहर बाद अचानक बदल गया। धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के के मुताबिक दो-तीन दिन तक रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना है।
तराई में पखवारे भर से लोग उमस और गर्मी से बेहाल थे। खेत में खड़ी धान, ज्वार, मक्का व गन्ने की फसल सूखने की नौबत आने से किसान परेशान थे। शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और धूल भरी आंधी के बाद बौछारें पड़ने लगीं। एक घंटे तक हल्की बारिश से तराई तर हो गया।
इससे लोगों को काफी राहत महसूस हुई। किसानों को काफी फायदा हुआ। खेत में सूख रही फसलों को बौछारों के रूप में संजीवनी मिली। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि उमस और गर्मी के चलते कम हवा के दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पहले आंधी आई और फिर बौछारें पड़ीं।
यह स्थिति दो-तीन दिन तक बने रहने के संकेत हैं। सोमवार तक रुक-रुक कर वर्षा हो सकती है। ऐसे में सिंचाई की तैयारी कर रहे जो किसानों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए।