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Bahraich News: एसपी ऑफिस के पास किसान ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर किया आत्मदाह का प्रयास

Thu, 08 Aug 2024 04:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच के शहीद पार्क में चांदपुरा निवासी कमरुद्दीन द्वारा ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर खुद को आग लगा
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बहराइच। शहर में एसपी कार्यालय के पास स्थित शहीद पार्क के अंदर बुधवार को दिन में लगभग एक बजे जमीन के विवाद को लेकर परेशान एक किसान ने ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर खुद को आग लगा ली। जिससे शरीर आग का गोला बन गया और वह चीखने लगे। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने दौड़कर उनके ऊपर कंबल व पानी डालकर आग बुझाई। तब तक वह लगभग 65 प्रतिशत तक झुलस चुके थे।
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वहीं, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस से मेडिकल काॅलेज पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। दिनदहाड़े शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर एसपी कार्यालय व नगर कोतवाली कार्यालय होने के बावजूद व्यक्ति द्वारा आग लगाने की घटना से हर कोई दंग रह गया है।
मेडिकल काॅलेज में उपचार के लिए ले जाने पर नगर कोतवाली के चांदपुरा मोहल्ला निवासी पीड़ित कमरुद्दीन (46) ने बताया कि उनका खेत रामगांव थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव में स्थित है। पिछले काफी दिनों से बड़े भाई जैनुल और उनके दोनों पुत्र मारपीट कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे और खेत में बोआई नहीं करने दे रहे थे। विवाद को लेकर रामगांव थाना में दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज किया गया था। वहीं, मंगलवार को भी दूसरे पक्ष के लोगों ने घर में पीड़ित पर जानलेवा हमला किया था। नगर कोतवाली पुलिस ने इसको लेकर केस भी दर्ज किया था। लेकिन प्रभावी रूप से सुनवाई नहीं हो पाई। उसने अपने भाई जैनुल और उनके पुत्रों गुलफाम, सद्दाम के कारण आत्मदाह करने की बात बताई। इस दौरान अस्पताल में सदर तहसीलदार अनिरुद्ध यादव, लेखपाल महेंद्र पहुंचे और उनके बयान दर्ज किए। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है।
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मामले की चल रही जांच
एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि जमीन के विवाद के चलते रामगांव थाना में तीन अगस्त को दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कमरुद्दीन की तहरीर पर मंगलवार को नगर कोतवाली में भी आरोपियों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। शहीद पार्क में उन्होंने ज्वलनशील पदार्थ अपने ऊपर उड़ेल कर आत्मदाह का प्रयास किया और इसका जिम्मेदार बड़े भाई व उनके पुत्रों को ठहराया है। मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस सुरक्षा की खुली पोल
एसपी कार्यालय और नगर कोतवाली के बीच स्थित शहीद पार्क के बाहर भीड़-भाड़ वाली जगह पर खुलेआम किसान द्वारा आत्मदाह करने के प्रयास से पुलिस की मुस्तैदी की पोल भी खुल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार दिनभर यहां पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहती है। घटना के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी।

पुलिस की लचर कार्रवाई से परेशान
परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कमरुद्दीन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर खानापूर्ति कर ली। जिसके चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे। अगर पुलिस प्रभावी कार्रवाई करती तो उन्हें ऐसा कदम नहीं उठाना पड़ता।

आत्मदाह करने से पहले लिखा पत्र
घटनास्थल के पास से कमरुद्दीन का अपने खून से लिखा एक पत्र मिला है। जिमसें उन्होंने मौत का जिम्मेदार बड़े भाई जैनुल आबदीन और उनके पुत्रों गुलफाम व सद्दाम को ठहराते हुए आत्मदाह करने की बात लिखी है।


पत्नी से कचहरी जाकर वकील से मिलने की बात बोली थी
कमरुद्दीन की पत्नी फतीजा बेगम ने बताया कि वह बुधवार की सुबह घर से केस के मामले में कचहरी जाकर वकील से मिलने की बात कहकर निकले थे। प्रतिदिन वह बेटे को साथ लेकर जाते थे, लेकिन बुधवार को लेकर नहीं गए। बताया कि तीन अगस्त को जेठ व उनके दो पुत्रों ने मीरपुर स्थित खेत पर उनसे मारपीट की थी। इसके बाद छह अगस्त को भी जान से मारने की नियत से गर्दन पर वार किया था। इस दौरान अगूंठे पर गहरी चोट लगी थी। इसके बाद नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जमीन विवाद के चलते वह काफी परेशान हो गए थे। कमाई का साधन केवल खेती होने के कारण परिवार पर भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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