बहराइच। यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने में महज एक हफ्ते रह गए हैं। विद्यार्थियों की धड़कने तेज हो गई हैं तो वहीं प्रशासन भी तैयारियां मुकम्मल करने का दावा कर रहा है।
लेकिन, परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि परीक्षा केंद्र मानकों को दरकिनार कर जो बनाए गए हैं।
कहीं फर्नीचर नहीं है तो कहीं बिजली-पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। सबसे दिक्कत तलब ये है कि 110 परीक्षा केंद्रों में से 42 सेंटर ऐसे हैं जो 9 किलोमीटर से लेकर 55 किलोमीटर दूर हैं।
जबकि नियमत: सिर्फ आठ किमी. के अंदर ही परीक्षा केंद्र होना चाहिए। ऐसे में छात्रों को वहां तक समय से पहुंचने में सबसे ज्यादा परेशानी होगी। इसके अलावा 13 विद्यालय ऐेसे हैं, जहां टिनशेड के कमरे हैं।
ये है स्कूलों के बीच दूरी
गिरिजापुरी इंटर कॉलेज मिहींपुरवा के छात्रों का परीक्षा केंद्र मिहींपुरवा में इंटर कॉलेज को बनाया गया है। दोनों विद्यालयों के मध्य 55 किलोमीटर का फासला है।
वहीं, राष्ट्रीय कृषि इंटर कॉलेज स्वराज नगर ऐलिहा की हाईस्कूल की छात्राओं को 22 किलोमीटर दूर रवींद्र नाथ टैगोर इंटर कॉलेज कल्पीपारा परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है।
इंटरमीडिएट की छात्राओं को 24 किलोमीटर दूर अब्दुल कादिर इंटर कॉलेज अलिया बुलबुल में परीक्षा देनी होगी। इसी तरह सरस्वती इंटर कॉलेज रिसिया के छात्रों का सेंटर 12 किलोमीटर दूर मटेरा के इंटर कॉलेज को बनाया गया है।
यह तो बानगी भर है। यही हाल कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों का भी है। वहीं, छात्रों ने इस मामले में इस डर से शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई कि शिकायत करना उन पर कहीं भारी न पड़ जाए।
केस - 1 मानक के अनुरूप नहीं कमरे
विकासखंड चित्तौरा में बहराइच-गोंडा मार्ग पर श्यामता प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां लगभग 800 से अधिक छात्र परीक्षा देंगे लेकिन विद्यालय में पक्के भवन के नाम पर सिर्फ एक कमरा बना है जबकि 13 कमरे टिनशेड के हैं।
कमरों की लंबाई चौड़ाई भी मानक के अनुरूप नहीं है। हालांकि, विद्यालय की व्यवस्था देख रहे प्रधानाचार्य समुचित व्यवस्थाएं होने का दावा जरूर कर रहे हैं। उनका कहना है कि टिनशेड से कोई दिक्कत नहीं होगी। यहां पर खिड़कियों के नाम पर ईंट के झरोखे हैं।
केस - 2 निर्माणाधीन विद्यालय बना परीक्षा केंद्र
मिहींपुरवा ममतारानी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यह विद्यालय भवन निर्माणाधीन है। यहां भी 600 से अधिक छात्रों की परीक्षा होगी। अधिकांश कमरे टिनशेड के हैं।
विद्यालय में कमरों के मानक
माध्यमिक विद्यालयों के कमरों का मानक 30 गुणे 25 फीट का होता है। इसके अलावा कमरे में चार रोशनदान और दो खिड़कियां कम से कम होनी चाहिए। लेकिन, जो टिनशेड के विद्यालय परीक्षा केंद्र बने हैं, वह कमरे मानक पूरा नहीं करते हैं।
वन क्षेत्र में स्कूल हैं कम, इसीलिए दूर बना सेंटर : डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का कहना है कि मिहींपुरवा का इलाका वन क्षेत्र का है। स्कूल कम हैं। जितना संभव हो सकता था उतना प्रयास किया गया।
गिरिजापुरी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के छात्रों की संख्या कम थी। उनका सेंटर 10 किलोमीटर की दूरी पर बप्पा जी इंटर कॉलेज चफरिया में बनाया गया, जबकि हाईस्कूल और इंटर प्राईवेट का सेंटर मिहींपुरवा के ममतारानी इंटर कॉलेज भेजा गया है।
दूरी अधिक है लेकिन छात्रों को दिक्कत नहीं होगी। रही बात सुविधाओं की तो जिन स्कूलों में संसाधनों का अभाव है, उन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर परीक्षा के पूर्व व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
हमारे पास न गाड़ी है न ही यहां चलती बस, कैसे देंगे परीक्षा
गिरिजापुरी इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले हाईस्कूल और इंटर प्राईवेट के छात्रों को 55 किलोमीटर दूर ममतारानी इंटर कालेज मिहींपुरवा जाना होगा। इसके चलते छात्र परेशान हैं।
बिछिया निवासी राजेश कुमार (परिवर्तित नाम) ने बताया कि न तो बाइक है न ही सुबह बस का संचालन होता है। घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि कमरा किराये पर ले सकें। कैसे इम्तिहान देंगे, समझ नहीं आ रहा। गिरिजापुरी निवासी विपुल कुमार भी 50 किलोमीटर दूर सेंटर बनने से परेशान हैं।
सुजौली निवासी राजेंद्र ने बताया कि तीन दिन से मिहींपुरवा में परीक्षा देने के लिए कमरे की तलाश कर रहे हैं लेकिन कमरा मिल नहीं रहा है। इन छात्रों से जब पूछा गया कि इसकी शिकायत विभाग से क्यों नहीं की तो बोले- अगर हम शिकायत करेंगे तो परीक्षा में हमें किया प्रताड़ित किया जाएगा।