बहराइच के मेडिकल कालेज में स्थापित बाल रोग विभाग।
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बहराइच। जनपद में स्थित मेडिकल कॉलेज का चिल्ड्रेन वार्ड अब हाईटेक हो जाएगा। इसके लिए शासन ने हरी झंडी देे दी है। चिल्ड्रेन वार्ड में बने तीन ओपीडी पूरी तरह से वातानुकूलित हो जाएंगे। वार्ड में बेड टू बेड ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। टूटे खिड़की और दरवाजे भी दुरुस्त कराए जाएंगे। चिल्ड्रेन वार्ड के वेंटीलेटर खराब होने पर अब उसे दुरुस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि नया लगाया जाएगा। सीएमएस ने बताया कि शासन ने चिल्ड्रेन वार्ड को अत्याधुनिक बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। अनुमानित बजट भी भेज दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इससे अस्पताल आने वाले नन्हें मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में प्रतिदिन 300 से 500 बच्चों की ओपीडी की जाती है। ओपीडी में जिले के अलावा गोंडा, बलरामपुर व श्रावस्ती के मरीज भी आते हैं। इनमें 20 से 30 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया जाता है। लेकिन चिल्ड्रेन वार्ड में ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगा था। इतना ही नहीं ओपीडी भी जैसे-तैसे चल रहा था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेडिकल कालेज के चिल्डे्रन वार्ड में बेड टू बेड ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। जिससे एक बेड से दूसरे बेड तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंच जाएगी।
इतना ही नहीं चिल्ड्रेन वार्ड में स्थापित तीन ओपीडी को पूरी तरह से वातानुकूलित किया जाएगा। ओपीडी वार्ड अब एसी में संचालित होगा। इस बारे में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि वार्ड के टूटे दरवाजे और खिड़कियां सही कराई जाएंगी, जिससे ओपीडी के चिकित्सक व नन्हें मरीजों को परेशानी न हो। सीएमएस ने बताया कि शासन ने वार्ड को अत्याधुनिक बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। अनुमानित बजट भी भेज दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इससे अस्पताल आने वाले नन्हें मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
गर्मी में भी मरीजों को नहीं होगी परेशानी
चिल्ड्रेन वार्ड के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित हो जाएगा। ऐसे में मार्च के बाद पड़ने वाली गर्मी से अब नन्हें मरीजों को परेशानी नहीं होगी। मासूम मरीजों का इलाज वातानुकूलित वार्ड में होगा।
खराब वेंटीलेटर नहीं किया जाएगा दुरुस्त
सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि वार्ड में लगे वेंटीलेटर अक्सर खराब हो जाते हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जाता है। लेकिन अब वार्ड में लगे वेंटीलेटर को दुरुस्त नहीं कराया जाएगा। बल्कि उसके स्थान पर नया वेंटीलेटर लगाया जाएगा। अब सारे काम अत्याधुनिक होंगे।