सीतापुर। कोरोना वायरस का संकट इस समय देश पर छाया है। प्रशासन से लेकर जागरूक नागरिक कोरोना को मात देने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने के लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ ठप है। जिंदगी की रफ्तार मानों थम सी गई है। इस नाजुक वक्त में भी मुनाफाखोर बाज नहीं आ रहे हैं। तकरीबन हर खाद्य सामग्री की मनमानी कीमत दुकानदार वसूल रहे हैं।
तीन दिन पहले तक 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू अब 40 से 50 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। टमाटर 50 रुपये प्रति किलो तो 95 रुपये का मिलने वाला रिफाइंड 110 का दिया जा रहा है। आटा के रेट 22 रुपये से बढ़ाकर 28 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। तकरीबन हर खाद्य सामग्री का मूल्य डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। एक फुटकर विक्रेता ने नाम नहीं छापने पर बताया कि थोक बाजार और फैक्टिरी में कीमतें बढ़ा दी गई हैं। इसलिए बढ़ी दरों पर सामग्री बेचना उसकी मजबूरी है।
संकट की इस घड़ी में मुनाफाखोरों का यह रवैया आम नागरिकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। मध्यम व गरीब वर्ग इस मुनाफाखोरी से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। प्रशासनिक व पुलिस अमला लगातार मुनाफाखोरी व कालाबाजारी पर अंकुश लगाने को प्रयासरत है। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है। इसके बाद भी मुनाफाखोर बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार की देर शाम कमलापुर थाने में व्यापारियों की बैठक करते हुए एसडीएम सिधौली संतोष कुमार राय ने खाद्य सामग्री की कालाबाजारी नहीं करने व ऐसा करने वाले की जानकारी प्रशासन को तत्काल उपलब्ध कराने की बात कही। कुछ व्यापारियों ने थोक में सामग्री महंगी मिलने का हवाला दिया।
एसडीएम ने उन थोक कारोबारियों की जानकारी देने को कहा, तो सब चुप्पी साध गए। एसडीएम ने कडे़ लहजे में चेतावनी देते हुए कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ शिकायत पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।