धरसवां। चित्तौरा झील के तट पर स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपे जाने के बाद प्रवेश शुल्क में पांच गुना वृद्धि कर दी गई है। इसके साथ ही दोपहिया, चारपहिया वाहनों और बसों के पार्किंग शुल्क में भी बढ़ोत्तरी की गई है। शुल्क वृद्धि को लेकर सदर विधायक अनुपमा जायसवाल ने नाराजगी जताते हुए पर्यटन विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर शुल्क सीमा निर्धारित करने की मांग की है।
विधायक ने पत्र में कहा है कि महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल ऐतिहासिक, पौराणिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। पूर्व में पर्यटन निगम की ओर से यहां प्रति व्यक्ति पांच रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता था। अब एमपीजीएस लेक फ्रंट पार्क एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड को संचालन की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रवेश शुल्क बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गया है।
विधायक ने कहा कि प्रवेश शुल्क में पांच गुना वृद्धि से ग्रामीण क्षेत्र और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। उन्होंने जनहित को देखते हुए प्रवेश शुल्क 10 रुपये प्रति व्यक्ति, दोपहिया वाहन का शुल्क 10 रुपये, चारपहिया वाहन का 25 रुपये और बस का शुल्क 50 रुपये निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने पर्यटन विभाग के महानिदेशक से इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
स्मारक स्थल का नया प्रवेश शुल्क
सामान्य प्रवेश : 25 रुपये प्रति व्यक्ति
वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) : 15 रुपये प्रति व्यक्ति
चार घंटे के लिए पार्किंग शुल्क
दोपहिया वाहन : 30 रुपये
चारपहिया वाहन : 50 रुपये
बस : 100 रुपये
नोट: पार्किंग शुल्क अधिकतम चार घंटे के लिए मान्य है।