फखरपुर। परसेंडी गांव स्थित पारले चीनी मिल के 15 फुट गहरे गड्ढे में शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे मिल कर्मी का शव पाया गया। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली देहात के मोहल्ला सूफीपुरा निवासी सुरेंद्र विक्रम सिंह फखरपुर के परसेंडी गांव स्थित पारले चीनी मिल में क्लर्क के पद पर तैनात थे। मिल प्रबंधन के अनुसार बृहस्पतिवार को उनकी ड्यूटी दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक थी। स्टाॅफ कम होने के कारण उन्हें चार घंटे और ड्यूटी करनी थी। रात 11 बजे वह ड्यूटी से रहस्यमय ढंग से नदारद हो गए।
कर्मचारियों द्वारा वेयर हाउस में सुरेंद्र के न होने की सूचना दिए जाने पर मिल प्रबंधन ने उनका पता लगाने के बजाय दूसरे कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी। शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे सुरेंद्र का शव मिल परिसर स्थित लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में मिला।
एएसपी अशोक सिंह, सीओ कैसरगंज धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव व एसओ फखरपुर संजीव सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर फोरेंसिक टीम पहुंच गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच की जा रही है।
आखिर कहां गुम हो गया सुरेंद्र का मोबाइल फोन
सुरेंद्र विक्रम सिंह का हेलमेट, चाभी व चश्मा मिल गया, लेकिन उनका मोबाइल कहां गुम हो गया, यह किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। सुरेंद्र के बड़े भाई संतोष सिंह बताते हैं कि बृहस्पतिवार रात 12 बजे तक उनके मोबाइल फोन पर घंटी जाती रही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वह 11 बजे से अपनी ड्यूटी से नदारद हुए। उसके बाद वह कहां गए और गड्ढे तक कैसे पहुंचे, यह भी रहस्य के घेरे में है।
पत्नी से कहा था खीर बनाकर रखना, दो बजे तक आएंगे
बिलखते हुए बीना सिंह ने बताया कि पति से रात 10 बजे बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि खीर बनाकर रखना, ओवरटाइम करके रात दो बजे तक आएंगे। भोर में तीन बजे तक पति नहीं आए, तो उन्होंने अपने भाई आशीष को फोन किया। आशीष ने सुबह मिल पहुंचकर जब अधिकारियों से बात की, तब खोजबीन शुरू हुई। उनका 16 वर्षीय इकलौता पुत्र हाईस्कूल का छात्र है।
मिल प्रशासन और पुलिस की भूमिका संदिग्ध
भाई संतोष का कहना है कि मिल प्रशासन और पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, दोपहर में मिल पर पहुंचने पर पुलिस ने शव को देखने नहीं दिया। एक घंटे तक प्रबंधन इधर-उधर की बात बताता रहा, पुलिस कर्मी भी चुप्पी साधे रहे।