सुजौली रेंज में हाथी के उत्पात में नष्ट हुई फसल को दिखाते किसान।
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली वन रेंज के दो गांव हाथियों के उत्पात से प्रभावित हैं। हाथी इन गांवोंं में आ धमकते हैं और किसानों की गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों ने 15 दिनोंं में 60 किसानों की 50 एकड़ से अधिक गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है। आरोप है कि मदद के लिए रेंजर को फोन करने पर उनका फोन भी नहीं उठता है।
हाथी प्रभावित ग्राम पंचायत सुजौली के मजरा त्रिलोकीगौड़ी व टिलवा गांव निवासी विशेश्वर, कल्लू, रामप्रवेश, अमित आदि ने बताया कि बीते 15 दिनोंं से लगातार रात आठ बजते ही हाथी गांव में आ धमकते हैं और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक विशेश्वर की दो एकड़, कल्लू की एक एकड़, राम प्रवेश की एक एकड़, सियाराम की एक एकड़, इंद्र की एक एकड़, मीना देवी की एक एकड़, श्रीकृष्ण की एक एकड़, अमित की एक एकड़, परशुराम की दो एकड़ व संजय की तीन बीघा गन्ने की फसल को हाथी रौंद चुके हैं। वहीं टिलवा में दो दर्जन से अधिक किसानों की 30 एकड़ गन्ने की फसल को हाथियों ने बर्बाद किया है। किसानों ने आरोप लगाया कि मदद के लिए रेंजर सुजौली रोहित कुमार को फोन करने पर उनका फोन नहीं उठता और मौके पर कोई भी वनकर्मी नहीं आता है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार शिकायत पर बुधवार को वाचर सूरज शुक्ला के साथ बीट प्रभारी मोहम्मद उमर मौके पर पहुंचे। मात्र 10 गोला देकर चले गए। डब्ल्यूटीआई के कोऑर्डिनेटर संजय सिंह व पीआरटी राम किशोर ने बताया कि किसानों के नुकसान की सूची बनाई गई है। गांव आने वाले सात हाथियों को भी मॉनीटर किया जा रहा है।