बिछिया (बहराइच)। निशानगाड़ा रेंज के लोहरा गांव में हाथियों का झुंड पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने ग्रामीणों की 25 बीघा धान की फसल को रौंद कर तहस-नहस कर दिया। क्षेत्र में हाथियों की आमद से लोगों मेें दहशत है। ग्रामीणों के हांका लगाने और पीपा पीटने पर हाथी जंगल की ओर चले गए। उधर, देर शाम मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर हाथियों के झुंड ने आवागमन रोक दिया। काफी देर तक लोग सड़क पर रुके रहे। हाथियों के जंगल में जाने के बाद आवागमन बहाल हो सका।
कतर्नियाघाट के जंगल नेपाली हाथियों को रास आ रहे हैं। नेपाल के हाथी कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांवों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत कारीकोट के लोहरा गांव में रविवार तड़के हाथियों का झुंड पहुंच गया। इस दौरान हाथियों के झुंड ने गांव निवासी कन्नू की पांच बीघा, चुन्ना की आठ बीघा धान की फसल, रामअवतार का आठ बीघा और विश्राम का चार बीघा धान की फसल को रौंद दिया।
गांव के लोगों ने हाथियों के उत्पात की सूचना वन चौकी पर दी। वन दरोगा कबीरुल हसन, वन रक्षक आनंद लाल ने ग्रामीणों की मदद से हाथियों को खदेड़ा। हाथियों के आमद को लेकर ग्रामीणों में दहशत रही। उधर, शनिवार देर शाम हाथियों का झुंड बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग पर पहुंच गया। इससे आवागमन बाधित हो गया। वाहनों से हार्न बजाने और शोर मचाने पर हाथी जंगल की ओर चले गए। इसके बाद आवागमन बहाल सका।