गेहूं की फसल को भैंसा गाड़ी से लेकर जा रहे किसानों पर जंगली हाथियों ने हमला कर दिया। दो किसान घायल हो गए और अन्य भाग निकले। हाथियों ने भैंसा समेत गाड़ी को खड्ड में उछाल दिया। भैंसा गंभीर रूप से घायल हुआ है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया रेंज अंतर्गत चहलवा गांव निवासी शब्बीर अहमद, नजीर अहमद, बशीर अहमद, नबी अहमद, लोहारे अपनी भैंसागाड़ी पर बैठ तेलागौढ़ी गांव के निकट खेत से गेहूं की फसल लेने जा रहे थे।
फसल को खलिहान में पहुंचाना था। जब किसानों की गाड़ी चमन चौराहे के समीप नहर के पास पहुंची। तभी हाथियों का झुंड जंगल से सड़क पर आ गया। हाथियों को देखकर किसानों ने गाड़ी रोक दी। हाथियों का झुंड सड़क पार करने लगा।
झुंड के सभी हाथी जंगल में दूसरी ओर निकल गए। लेकिन तभी एक हाथी पीछे की ओर मुड़ गया। वह गाड़ी की ओर बढ़ा। इस पर किसान गाड़ी से उतरकर भाग खड़े हुए। हाथी ने चिंघाड़ते हुए किसानों की गाड़ी सूंड में लपेटकर हवा में उछाल दी। गाड़ी भैंसा समेत खड्ड में जा गिरी।
किसानों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। लेकिन किसी की हिम्मत हाथी की ओर बढ़ने की नहीं हुई। लगभग 30 मिनट तक हाथी मौके पर खड़ा रहा। इसके बाद जंगल की ओर चला गया। हाथी से बचने के लिए भागते समय चहलवा निवासी शब्बीर व नजीर को चोटें भी आयीं।
हाथी के जाने के बाद भैंसे खड्ड से बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे सुजौली के पशु चिकित्साधिकारी एएन कटियार ने उसका इलाज किया। चिकित्सक ने बताया कि भैंसे की हालत गंभीर है। प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने कहा कि घटना की सूचना मिली है। मौके पर टीम को भेजा गया है।