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हाथियों ने ढहाया घर, 10 बीघा फसल रौंदी

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कतर्नियाघाट में सुजौली क्षेत्र के विशुनटाड़ा में हाथियों के हमले में क्षतिग्रस्त मकान। - फोटो : BAHRAICH
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बिविया (बहराइच)। कतर्नियाघाट में जंगली हाथियों के उत्पात मचाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर रात हाथियों का झुंड विशुन टाड़ा गांव में आ धमका। यहां हाथियों ने एक घर को ढहा दिया, वहीं खेतों में लगी करीब 10 बीघा फसल को भी रौंद दिया। हाथियों की चिंघाड़ से पूरी रात ग्रामीण दहशत में रहे। ग्रामीणों के मशाल जलाने, हांका लगाने और पटाखा जलाने के बाद हाथी जंगल में लौटे। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में ग्राम पंचायत कारीकोट के मजरा विशुन टाड़ा गांव में सोमवार की रात अचानक जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों के झुंड ने जंगल की सैर कर रहे पर्यटकों के दल को सोमवार को सुबह ही घेर कर उत्पात मचाया था।
इसी बीच रात को हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण दहशत में आ गये। सबसे किनारे बसे गांव निवासी किसान परशुराम पुत्र ननकऊ के घर पर हाथियों ने धावा बोल दिया। देखते ही देखते पूरे घर को तहस-नहस कर डाला। घर में रखे गेहूं, चावल समेत अन्य सामान को भी हाथियों ने बर्बाद कर दिया। परिवार के लोगों भागकर जान बचाई।
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वहीं हाथियों ने गोभी, मटर, लाही समेत करीब दस बीघा फसल को रौँद कर तहस-नहस कर दिया। गांव के लोगों ने मशाल जलाकर हांका लगाना शुरू किया। पटाखे भी दागे गये। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर भागे, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने इस मामले की सूचना रेंज कार्यालय में दी है।
सर्वे कराकर दिया जाएगा मुआवजा
विशुन टाड़ा गांव में हाथियों के उत्पात की जानकारी मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेजा जा रहा है। सर्वे के बाद पीड़ित किसानों की सूची तैयार की जायेगी। जिसके बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।
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- पीयूष मोहन श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी
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